बेटी के जन्म पर नाराज पिता ने दी आत्महत्या की धमकी, अपनाने से किया इनकार

चंपारणः Father refuses to adopt his daughter: उस नन्हीं सी जान को क्या पता था जन्म लेते ही उसे अपने पिता की नफरत का शिकार होना पड़ेगा. वो कहां जानती थी कि ये हादसा उसके साथ तब पेश आएगा जब सारा देश देवी की आराधना कर रहा होगा, घरों में कन्याएं बुला कर उन्हें भोजन करा रहा होगा और उसका पिता अपने ही खून को अपनाने से इनकार कर देगा. वह भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वो एक लड़की है.

21वीं सदी के 21वीं साल में भी बेटा-बेटी के बीच फर्क की ये दीवार इस कदर मजबूत निकली अभी-अभी जन्मी एक नवजात और उसकी मां अपने ही परिवार के लिए पराई हो गईं.

 

बेटी के जन्म से नाराज था पति
रोंगटे खड़े कर देने वाली ये घटना पश्चिम चंपारण के बगहा की है. यहां एक प्रसूता ने अनुमंडलीय अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था. पीड़िता, बेटी के जन्म के 24 घंटे बाद भी पति और परिवार वालों का इंतजार कर रही है. सामने आया है कि बेटी का जन्म होने के कारण पति ने अस्पताल आने से इनकार कर दिया. बताया गया कि यह चौथी बेटी है और यह परिवार कई बार से बेटे के जन्म का इंतजार कर रहा है.

सास ने भी फेर लिया मुंह
सिर्फ पति ही नहीं, सामने आया है कि पीड़िता की सास ने भी अस्पताल से बहू और बच्ची को लाने से इनकार कर दिया. पीड़िता मंगलवार की शाम से अस्पताल में पति का इन्तेजार कर रही है. शहर के शास्त्रीनगर पोखरा टोला वार्ड 18 के प्रदीप सहनी की पत्नी रीता देवी ने अनुमंडलीय अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया.

उसके बाद से परिजनों ने सिर्फ इसलिए हंगामा खड़ा कर दिया क्योंकि यह उनकी चौथी बेटी हुई थी. उसका कहना है कि बच्ची का लालन पालन वह कर लेगी बावजूद परिजन ले जाने से मना कर रहे हैं.

 

 

लोगों के समझाने पर नहीं माना परिवार
अस्पताल में पीड़िता के साथ आई आशा का कहना है कि जब उसने नवजात बच्ची के जन्म की सूचना उसके प्रसूता के पिता को दी तो वह गांव के पोखरे में जाकर कूद गया. लोगों के मुताबिक, पति बार-बार आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है और बच्ची को भी जान से मार देने की धमकी दे रहा है. अस्पताल में पीड़िता की सास को स्थानीय लोगों समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने भी बहुत समझाया लेकिन वह नवजात और अपनी बहू को घर ले जाने के लिए तैयार नहीं हुईं.

अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर राजेश सिंह ने बताया कि महिला ने मंगलवार की शाम एक पुत्री को जन्म दिया है. तबसे उसके परिजन उससे नाराज हैं. हालांकि दबाव में आकर सास, अपनी बहू को ले तो गई है, लेकिन लोगों का कहना है उसने जाते-जाते भी धमकाना नहीं छोड़ा था.

Check Also

उपचुनाव से पहले JDU में शामिल हुए मंत्री सम्राट चौधरी के भाई रोहित

पटना:  बिहार में विधानसभा की दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलो …