अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन इराक और सीरिया में किए हवाई हमले, 40 लोगों की मौत

नई दिल्ली: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) और उसके समर्थित मिलिशिया समूहों के हमले में अपने तीन सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका आक्रामक है. अगले दिन अमेरिका ने इराक और सीरिया में कई जगहों पर भारी हवाई हमले किए हैं. इस हमले में करीब 40 लोगों की मौत हो गई है. इस हमले में संयुक्त राज्य अमेरिका ने लंबी दूरी के बी-1 बमवर्षकों का भी इस्तेमाल किया है। गौरतलब है कि अमेरिका पिछले हफ्ते जॉर्डन में ईरान समर्थित चरमपंथियों द्वारा किए गए हमले का जवाब दे रहा है. इराक से लेकर सीरिया तक अमेरिकी हवाई हमले से हड़कंप मच गया है.

एक दिन पहले, अमेरिकी सैनिकों पर घातक हमले के जवाब में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) और उसके समर्थित मिलिशिया से जुड़े 85 से अधिक स्थानों को निशाना बनाकर इराक और सीरिया में हवाई हमले किए। ये हमले अभी भी जारी हैं. इसमें करीब 40 लोगों के मारे जाने की खबर है. आने वाले दिनों में और अधिक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की उम्मीद है।

इराकी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने एक बयान में कहा कि ये हमले संयुक्त राज्य अमेरिका की एक और साहसिक और रणनीतिक गलती का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप केवल तनाव और अस्थिरता बढ़ेगी।
इराक ने औपचारिक विरोध व्यक्त करने के लिए बगदाद में अमेरिकी प्रभारी डी’एफ़ेयर को बुलाया। इराक के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा – “इराक इस बात से इनकार करता है कि उसकी जमीनें युद्धरत देशों के बीच हिसाब-किताब तय करने या शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा बन जाएंगी।” इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज, एक राज्य सुरक्षा बल जिसमें ईरान समर्थित समूह भी शामिल हैं, ने कहा कि लड़ाकों और डॉक्टरों सहित उसके 16 सदस्य मारे गए। सरकार ने पहले कहा था कि 16 मृतकों में आम नागरिक भी शामिल हैं.