Alwar: अलवर रेप कांड के हैवानियत से गरमाई सियासत, डाक्टरों की टीम ने पीड़िता के किए 8 मेजर ऑपरेशन

Alwar: राजस्थान के अलवर में मूक-बधिर नाबालिग से गैंगरेप के बाद जो दरिदंगी सामने आ रही है वो दिल दहला देने वाली है.अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेप पीड़िता का आठ डॉक्टर्स की टीम ने बड़ा ऑपरेशन किया है. सामूहिक दुष्कर्म के बाद पुलिया से फेंकी गई नाबालिग को बुधवार को ही अलवर से जयपुर रेफर कर दिया गया था.

जयपुर में जेके लोन अस्पताल (JK Lone Hospital) में 8 डॉक्टर्स की टीम ने पीड़िता का बड़ा ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद पीड़िता को आईसीयू में रखा गया है. फिलहाल हालात स्थिर है, पीड़िता का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन नार्मल है लेकिन शरीर से बह चुके खून की वजह से पीड़िता को लगातार खून चढ़ाया जा रहा है. डाक्टरों के मुताबिक अभी उसकी अभी एक सर्जरी होनी बाकी है फिलहाल पुलिस पीडिता के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि उसकी काउंसलिंग की जा सके.

 

इस मामले के बाद अब राजस्थान ने सियासत गर्म है. राजस्थान में बार-बार होने वाली निर्भया गैंगरेप जैसी घटनाओं ने इस सियासत को और धार दे दी है. सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री  सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje)ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. बीजेपी के तमाम नेता सरकार पर हमलावर है. वहीं सवाईमाधोपुर में भी सियासत गरमाती हुई नजर आई. यहां राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा छात्र छात्राओं के साथ प्रदर्शन करते हुए प्रिसंका गांधी से मिलने पहुंचे हालांकि पुलिस ने एक किलोमीटर पहले ही इस भीड़ को रोक लिया. प्रदर्शन में शामिल लड़किया लगातार पुलिस प्रशासन से जिद करती रही कि उन्हें एक बार प्रियंका गांधी
से मिलने दिया जाए लेकिन पुलिस की सुरक्षा के आगे ये लोग प्रियंका गांधी से नहीं मिल पाएं.

दरअसल प्रियंका गांधी से मिलने के पीछे इनका मकसद यही था कि वो हमेशा महिला सशक्तिकरण के साथ होती है अब चूंकी राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है तो फिर राजस्थान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवेंदनशील क्यों नहीं है. आरोप ये है कि जब हाथरस में किसान की हत्या हुई तो प्रियंका उनके घर पहुंच गई लेकिन अलवर मामले में वो आगे क्यों नहीं आई.

दरअसल अलवर रेप मामला सरकार के लिए भी मुश्किलें पैदा करने वाला है. सरकार ने इस मामले को कड़ाई से देखने के आदेश दिए है जिसके बाद से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गई है लेकिन दूर्भाग्य ये है कि अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं.

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