अखंड परशुराम अखाड़ा ने मनाई लक्ष्मीबाई की जयंती

हरिद्वार, 19 नवम्बर (हि.स.)। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर श्रीअखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक के संयोजन में अखाड़े के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने अग्रसेन घाट पर गंगा में दीपदान किया। अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महान सेनापति थी। बहादुर रानी लक्ष्मी बाई ने बचपन में ही घुड़सवारी, तलवार और बंदूक चलाना सीख लिया था।।महारानी लक्ष्मीबाई घुड़सवार की पोशाक में अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते 17 जून 1858 को शहीद हो गई। यदि जीवाजी राव सिंधिया ने रानी लक्ष्मीबाई से छल न किया होता तो भारत सौ वर्ष पहले अट्ठारह सौ सत्तावन में ही अंग्रेजों के आधिपत्य से स्वतंत्र हो गया होता। प्रत्येक भारतीय को उनकी वीरता सदैव स्मरण रहेगी।

इस अवसर पर भगवताचार्य पवनकुष्ण शास्त्री, मनोज धीमान, विष्णु पंडित, राजीव बिष्ट, अध्यन शर्मा, अर्णव शर्मा, आचार्य विष्णु पंडित, श्रद्धा शर्मा, मनीषा सूरी, समाजसेवी डा.विशाल गर्ग, सुषमा चैहान, मिनी पुरी, कमला जोशी, विनोद मिश्रा, सुनील प्रजापति मौजूद रहे।

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