कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 के पहले आठ महीनों में कृषि से संबंधित निर्यात में 15.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। आठ महीनों में कुल निर्यात 17.43 अरब डॉलर रहा। जो पिछले साल इसी अवधि में 15.07 अरब डॉलर था।

2021-22 में कुल निर्यात 24.76 बिलियन डॉलर देखा गया, जो एपीडा द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पार कर गया। हालांकि, चालू वर्ष के लिए लक्ष्य 23.56 अरब डॉलर निर्धारित किया गया था। जिसमें से 74 प्रतिशत निर्यात पहले आठ महीनों में हासिल किया गया है। इसे देखते हुए एपीडा के अधिकारी आने वाले महीनों में भी निर्यात वृद्धि दर बरकरार रहने की संभावना जता रहे हैं। एपीडा के अध्यक्ष के अनुसार, वे देश से निर्यात किए जाने वाले कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किसानों, निर्यातकों और प्रसंस्करणकर्ताओं के साथ काम कर रहे हैं। गेहूं के निर्यात पर जारी प्रतिबंध के बावजूद अप्रैल से नवंबर तक इसका निर्यात 29.29 प्रतिशत बढ़कर 1.50 अरब डॉलर हो गया। इसकी वजह प्री-कमिटमेंट एक्सपोर्ट के एक्सपोर्ट को दी जाने वाली रियायत है। एक साल पहले गेहूं का निर्यात 1.17 अरब डॉलर देखा गया था। सरकार ने राजनयिक अनुरोधों का सम्मान करते हुए कुछ मित्र देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा के आधार पर गेहूं के निर्यात की भी अनुमति दी है। बासमती चावल ने कृषि उपज में सबसे अधिक वृद्धि देखी है। चावल का निर्यात 39.26 प्रतिशत बढ़कर 2.87 अरब डॉलर हो गया।