हिरासत में लिए गए ईसाई धर्म गुरु को छुड़ाने के लिए बड़ी संख्या में एसएसपी ऑफिस पहुंची महिलाएं

बरेली, 21 नवंबर (हि. स.) हिन्दुओं को ईसाई बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने हिन्दू संगठनों की तहरीर पर एक दिन पहले ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, तो वहीं पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में भी ले लिया है। जिसके बाद आज बड़ी संख्या में महिलाएं एसएसपी ऑफिस पहुंची और हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने का दबाव बनाया।

एसएसपी ऑफिस में ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले भगवान दास की पत्नी उषा रानी बड़ी संख्या में महिलाओं को लेकर पहुंची उषा रानी ने आरोप लगाया कि कल कई सारे हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे थे और उन्होंने धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया और वहां मौजूद लोगों के साथ गाली गलौज की ।

उषा रानी का कहना है कि हमारे पति को और एक अन्य शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है हम लोग इसीलिए आज एसएसपी से मिलने आए हैं कि हमारे पति को और जिस अन्य युवक को गिरफ्तार किया है उसे छोड़ा जाए । उन्होंने कहा कि हम धर्म परिवर्तन नहीं करवाते हैं हम कर्म परिवर्तन करते हैं और मन परिवर्तन करते हैं । हम बुरे काम नहीं करते हैं । उषा रानी ने कहा कि अक्सर इस तरीके के आरोप हम लोगों पर लगाए जाते हैं कि हम धर्म परिवर्तन कर रहे हैं आज हम सभी लोग इसीलिए आए हैं कि जिन दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उन्हें छोड़ा जाए और हमारा मुकदमा दर्ज किया जाए।

वहीं भगवान दास ने अपने घर पर जो नेम प्लेट लगाई है उसमें उसने अपने आपको अर्न्तराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन मण्डल सचिव लिख रखा है और उसमें पुलिस का लोगो भी लगा हुआ है। उसने अपने घर पर लिख रखा है प्रभु का दस भगवान दास। भगवान दास ने अपने घर पर एक और बड़ा सा बोर्ड लगा रखा है जिसमे उसने लिख लिख रखा है ए जी प्रार्थना भवन, असेंबली ऑफ गॉड और ईसाई धर्म का निशान बना हुआ है।

दरअसल सुभाषनगर थाना क्षेत्र के वंशी नगला में पिछले 20 सालों से हिंदुओं को ईसाई बनाने का काम चल रहा था। यहां पर एक घर में ईसाई समाज के लोग ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। आरोप है की ये लोग भोले भाले और गरीब हिंदुओं को लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं और उनका मतांतरण कर के धर्म परिवर्तन करवाते हैं। जब इसकी सूचना हिंदूवादी संगठनों को हुई तो उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की, जिसके बाद सुभाषनगर थाने की पुलिस ने मौके पर जाकर छापा मारा तो पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने देखा वहां पर करीब 100 के लगभग महिलाएं और पुरुष यीशु मसीह की प्रार्थना कर रहे थे। पुलिस को प्रार्थना सभा से यीशु मसीह की फोटो, बाइबल और ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार के कुछ सामग्री भी मिली है।

हिंदू संगठनों की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। बड़ी बात ये है कि ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार कर रहा एक युवक नामजद आरोपी पवन कुमार पत्रकार बनकर थाने पहुंच गया, जिसे हिंदू संगठनों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।

एसएसपी आईपीएस अखिलेश चौरसिया का कहना है कि सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बंसी नगला में आरोप है कि वहां पर ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार किया जा रहा था। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया की दूसरी ओर से भी तहरीर मिली है जिसमें मारपीट का आरोप लगाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस ने इस मामले में भगवान दास, प्रेरणा सिंह, सुनीता, सीता, पवन कुमार और जानकी प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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