कानपुर देहात : पुलिस के गुडवर्क पर एक सीसीटीवी ने खड़े किए कई सवाल

कानपुर देहात, 12 अक्टूबर (हि.स.)। जनपद पुलिस का नया कारनामा सामने आया, जिसने पुलिस ने चरस के आरोप में एक युवक को फर्जी तौर पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में घटनास्थल पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने दौड़कर जंगल और झाड़ियों से गिरफ्तार करने की बात कही है। लेकिन सीसीटीवी वीडियो में युवक को डायल 112 की बाइक पर सवार दो पुलिसकर्मियों ने टैंपो स्टैंड से सहूलियत के साथ ले जाने का वीडियो पीड़ित के परिजनों द्वारा दिखाया गया है।

जनपद के मंगलपुर थाना अपनी कार्यशैली से सुर्खियों में आ गया है। मुंडेरा किन्नर सिंह गांव के रहने वाले सुलतान को पुलिस ने 250 ग्राम चरस के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसके बाद महकमे के आलाधिकारियों ने मंगलपुर पुलिस की खूब जमकर पीठ थपथपाई। लेकिन पकड़े गए आरोपी युवक के परिजनों ने एक वीडियो के माध्यम से पुलिस की नींद उड़ा कर रख दी। जिस पुलिस ने चरस के आरोप में सुलतान नाम के युवक को खेतों और झाड़ियों से दौड़ाकर पकड़ने का दावा अपनी एफआईआर में कर रही है। पुलिस के मुताबिक, सुलतान को 09 अक्टूबर की शाम छह बजे के करीब टैंपो स्टैंड से पकड़कर अपनी बाइक पर ले गई और दूसरे दिन सुबह 10.30 मिनट पर 10 अक्टूबर की घटना दिखाकर जेल भेज दिया। जबकि टैंपो स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिस का ये करनामा कैद हो गया और पुलिस खुद अपने ही जाल में फंसती दिखाई देने लगी।

वहीं, पुलिस की कार्रवाई पर पकड़े गए युवक की बहन शिवानी का कहना है कि उसके भाई को पुलिस ने फर्जी तौर पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जिस दिन की घटना दिखा रही है वो घटना हुई ही नहीं है। उसके भाई को डायल 112 में सवार दो पुलिसकर्मियों ने उसके भाई सुलतान को टैंपो चलाने के दौरान स्टैंड पर खड़े रहते हुए नौ अक्टूबर की शाम को बिना किसी बरामदगी के निर्दोष गिरफ्तार किया है। जिसको लेकर पीड़ित परिवार पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहा है।

Check Also

जाति आधारित रैलियों पर रोक लगाने की मांग करने वाले पक्षकारों को हाईकोर्ट का नोटिस

लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियां करने …