94 साल पुराने इस बैंक से 25 हजार रुपए से ज्यादा निकालने पर लगी रोक, जानें क्या है मामला?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 94 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक (Laxmi Vilas Bank) पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. बैंक को 16 दिसंबर तक के लिए मोरेटोरियम के तहत रखा गया है. अब बैंक के ग्राहक एक महीने तक हर दिन 25,000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे. वहीं अब लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (DBS Bank India Ltd.) के साथ विलय होगा. आरबीआई ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स की पावर भी सीज कर दी हैं.

94 साल पुराना है लक्ष्मी विलास बैंक
लक्ष्मी विलास बैंक लिमिटेड की स्थापना 1926 में करूर के सात व्यापारियों के एक समूह ने वी.एस.एन. रामलिंग चेट्टियार के नेतृत्व में की थी. उनका उद्देश्य करूर और उसके आसपास के लोगों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना था, जो व्यापारिक व्यवसायों, उद्योग और कृषि में व्याप्त थे. देशभर में बैंक की 16 राज्यों में 566 शाखाएं और 918 एटीएम चल रहे हैं.

 

क्या है मामला?
लक्ष्मी विलास बैंक की वित्तीय हालत ठीक नहीं थी. बैंक पिछले 10 तिमाहियों से घाटे में चल रहा है. कर्ज वसूली में नाकाम रहने और बढ़ते एनपीए की वजह से आरबीआई ने सितंबर, 2019 में बैंक को पीसीए ढांचे में डाल दिया था. बैंक ने पहले इंडियाबुल्स के साथ विलय करने की भी कोशिश की थी, जिसे आरबीआई की अनुमति नहीं मिली थी. बैंक की एनबीएफसी के साथ अनौपचारिक बातचीत भी हुई, लेकिन बात नहीं बन सकी.

DBS बैंक करेगा 2,500 करोड़ रुपए का निवेश
रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय स्थिरता के लिए लक्ष्‍मी विलास बैंक को पहले मोरेटोरियम में डालने और फिर डीबीएस बैंक के साथ विलय का फैसला लेना पड़ा. विलय स्कीम का ऐलान करते हुए आरबीआई ने कहा कि डीबीएस बैंक 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगा ताकि नई इकाई के क्रेडिट ग्रोथको सपोर्ट मिल सके.

 

इन मामलों में बैंक कर सकता है ज्‍यादा भुगतान
मोरेटोरियम की अवधि के दौरान जमाकर्ता के इलाज, उच्च शिक्षा की फीस, शादी जैसे जरूरी कामों के लिए ग्राहक 25,000 रुपये से ज्‍यादा की निकासी कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी होगी.

Check Also

शेयर बाजार में कोहराम, 2 फीसदी टूटे Sensex, NIFTY (राउंडअप)

मुंबई, 27 जनवरी । बैंकिंग और वित्तीय सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली के भारी दबाव …