राष्ट्रीय लोक अदालत में 55230 वाद निस्तारित, 13 जोड़े एक साथ रहने को हुए तैयार

मुरादाबाद, 13 अगस्त (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुरादाबाद सचिव सचिन कुमार दीक्षित जनपद मुरादाबाद न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार किया गया।

जनपद न्यायाधीश डॉ अजय कुमार ने सर्वप्रथम इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 11 से 17 अगस्त तक ‘स्वतंत्रता सप्ताह’ व ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के दृष्टिगत स्काउट गाइड बच्चों की तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर न्यायालय परिसर से रवाना किया। जिला स्काउट गाइड कमिश्नर डॉ मधुबाला त्यागी, जिला संगठन आयुक्त राजीव सक्सेना के संचालन में ‘तिरंगा यात्रा’ शहर के मुख्य-मुख्य स्थानों से होते हुए वापस दीवानी न्यायालय परिसर में आकर समाप्त हुई।

जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।

नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत अपर जनपद न्यायाधीश पुनीत कुमार गुप्ता ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा अवसर है जिसके माध्यम से लोग अपने वर्षो पुराने मुकदमों का निस्तारण तुरंत सुलह समझौते के माध्यम से कर सकते हैं। जनपद न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के जो चिन्हित किये गए हैं उनके निस्तारण करने पर जोर दिया साथ ही सभी लोगों से पूर्ण उत्साह और गर्व के साथ अपने घरों पर तिरंगा लगाने की अपील भी की। इस बार की लोक अदालत में जनपद मुरादाबाद के विधि महाविद्यालयों में अध्यनरत विधि छात्रों को भी सम्मिलित करने का आदेश उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त हुआ था, जिसमें स्वैच्छिक रूप से 25 छात्रों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रतिभाग कर पोस्टर के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के महत्व को समझाते हुए जागरूक किया, केजीके व टीएमयू के छात्र/छात्राओं से माननीय जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत की प्रक्रिया को समझने व आगे भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े रह कर विधिक जागरुकता फैलाने के लिए कहा।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 55200 वाद निस्तारित हुए, जिसमें से प्री लिटिगेशन वादों की संख्या 50362 व न्यायालयों में लंबित 4868 वाद समाप्त हुए व 10,84,29,806 रुपये का सेटलमेंट किया गया। परिवार न्यायालय में 66 पारिवारिक वादों को सुलह समझौते से समाप्त किये गये व 13 जोड़े खुशी-खुशी राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर सुलह समझौता कर साथ रहने को तैयार हुए।

प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय अश्वनी कुमार दुबे व माननीय जनपद न्यायाधीश डॉ अजय कुमार, अतिरिक्त परिवार न्यायाधीश रूपाली सक्सेना ने सभी एक हुए जोड़ों को आशीर्वाद दिया व हसी खुशी रहने को कहा। मोटर दुर्घटना अधिकरण में 57 वाद समाप्त हुए और 3,20,45,000 रुपये का सेटलमेंट किया गया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अश्वनी कुमार दुबे, पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण मुकेश सिंघल, सम्मानित न्यायाधीश, बार के अध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव, सचिव राकेश वशिष्ठ व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डीईओ ईशु शर्मा, कनिष्ठ लिपिक फैजउर रहमान शम्सी उपस्थित रहे।

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