5 साल में 20 लाख रोजगार असंभव:बजट के 200 करोड़ से 2000 कर सकेंगे व्यवसाय, 10-10 लाख के व्यवसाय में 5 लोगों को भी रोजगार मिला तो 10 हजार को ही काम

बिहार के वित्त मंत्री ने बजट में जो राशि दी है, वह नीतीश सरकार के रोजगार के दावों के लिए पर्याप्त नहीं। - Dainik Bhaskar

बिहार के वित्त मंत्री ने बजट में जो राशि दी है, वह नीतीश सरकार के रोजगार के दावों के लिए पर्याप्त नहीं।

  • यही हिसाब महिलाओं के लिए दिए बजट का करें तो इतना ही रोजगार इस हिस्से में भी
  • बजट प्रावधान शत प्रतिशत लागू हुआ तो एक साल में अधिकतम 20 हजार को ही काम

वित्तमंत्री तार किशोर प्रसाद ने आज अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। पेश किये गए बजट में रोजगार पैदा करनेवाले उद्योग विभाग को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। BJP के केंद्रीय चेहरे शाहनवाज हुसैन को बिहार का उद्योग मंत्री बनाये जाने का भी विभाग के बजट पर कोई असर नहीं दिखा। उद्योग विभाग के अंतर्गत उद्यमिता विकास के लिए सिर्फ 200 करोड़ रुपए दिए गए हैं। महिलाओं के लिए अलग से 200 करोड़ रुपए हैं। सरकार का दावा है कि अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार का सृजन करेंगे। दैनिक भास्कर के कैलकुलेशन के हिसाब से इस राशि से प्रतिवर्ष सिर्फ 10,000 रोजगार का सृजन ही हो सकेगा। नए व्यवसाय तो सिर्फ 2000 ही खुल सकते हैं।

पहले 200 करोड़ रुपयों का हिसाब समझें

उद्यमिता विकास के लिए बजट में 200 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। नया व्यवसाय करने के लिए दिये जानेवाले इस अनुदान में सरकार कुल लागत का 50 प्रतिशत और अधिकतम 5 लाख तक का अनुदान देगी। इसके साथ ही अधिकतम 5 लाख तक के ऋण पर मात्र एक प्रतिशत ब्याज लेगी। इस तरह एक उद्योग लगाने के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर कुल 10 लाख रुपए तक की सहायता मिल सकती है। महिलाओं के लिए विशेष तौर पर 200 करोड़ का अलग प्रावधान किया गया है। इसके लिए भी ऊपर की शर्तें लागू होंगी।

इस राशि से कितने व्यवसाय शुरू हो सकेंगे

यह मानकर कि प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपए का ऋण दिया गया, 200 करोड़ रुपयों से अधिकतम 2000 लोग अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान की राशि की गणना इसी तरह करें तो कुल संख्या 4000 (2000+2000) होती है। इस तरह वित्तीय वर्ष 2021-22 में अगर यह राशि सभी इच्छुक लोगों को दे दी गई, तब भी अधिकतम 4000 लोग अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।

रोजगार कितनों को मिल सकेगा?

उद्योग क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि 10 लाख रुपए से जो व्यवसाय शुरू हो सकते हैं, उनमें 3-4 लोगों को रोजगार की संभावना होती है। इस संख्या को अधिकतम 5 भी मान लें तो कुल रोजगार सृजन 20,000 (4000*5) होगा। इसमें महिलाओं को मिलने वाले विशेष अनुदान के तहत शुरू किए गए व्यवसाय से सृजित रोजगार भी शामिल हैं। इसे हटा देने पर सिर्फ उद्यमिता विकास के लिए किए प्रावधान से 10000 (2000*5 ) रोजगार का सृजन होगा।

एक साल में 10000, तो 5 साल में…

यह ध्यान रहे कि ये आंकड़े सिर्फ वित्तीय वर्ष 2021-22 के हैं। यह मान लेने पर कि अगले 5 साल तक उद्यमिता विकास के लिए यही राशि मिलती रही, तो कुल रोजगार सृजन 50000 (10000*5 ) होगा। एक बार फिर इसमें महिलाओं द्वारा सृजित रोजगार जोड़ दें तो यह संख्या एक लाख हो जाती है। इसका मतलब बजट के अनुसार अगले पांच वर्षों में अधिकतम एक लाख रोजगार का सृजन हो सकता है।

उद्योग के हिस्से बजट का सिर्फ 0.43 फीसदी ही आया

उद्योग विभाग को बजट से 1285.17 करोड़ रुपए मिले हैं। यह कुल बजट का 0.43 फीसदी है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मिले इस बजट से 400 करोड़ उद्यमिता विकास अनुदान के लिए दिया गया है। इसमें से 200 करोड़ सामान्य और 200 करोड़ महिलाओं के लिए दिया गया है। बिहार के जाने-माने उद्योगपति सत्यजीत सिंह कहते हैं – राज्य सरकार के इस बजट से किसी तरह की उम्मीद उद्योग क्षेत्र नहीं कर सकता है। सरकार ने अपने पूरे बजट में एक फीसदी से भी कम फंड उद्योग को दिया है। इस बजट आकार को देखकर कोई भी इनवेस्टर बिहार आएगा, ऐसी उम्मीद करना मुश्किल है। सत्यजीत सिंह कहते हैं – सिर्फ उद्योग क्षेत्र ही नहीं, मुझे तो इस बजट से बिहार में रोजगार पैदा होने की भी कोई उम्मीद नहीं दिखती है।

 

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