विधायकों से मारपीट में बलि का बकरा बने 2 सिपाही:23 मार्च को विधानसभा में सीढ़ियों से उठाकर फेंके गए थे विधायक; 121 दिन बाद हुई कार्रवाई, 2 सिपाही सस्पेंड

23 मार्च को बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधानमंडल परिसर से जो तस्वीरें सामने आई थीं, वह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली थी। विधानसभा की सीढ़ियों से विधायक उठाकर फेंके जा रहे थे। 121 दिन बाद अब इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई की है। सुरक्षा में लगे दो सिपाहियों को मारपीट करने का आरोपी मानते हुए, उन्हें निलंबित कर दिया गया है। ये दो सिपाही शेषनाथ प्रसाद और रणजीत कुमार हैं।

23 मार्च को नए पुलिस बिल के विरोध में RJD, कांग्रेस, वाम दल सहित सभी विपक्षी दलों ने सदन के अंदर जमकर हंगामा किया था। इस हंगामे में 6 बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। हंगामे का रूप यह था कि विपक्षी दल के विधायक न तो विधानसभा अध्यक्ष की बात सुन रहे थे और ना ही मंत्री की। विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को ही बंदी बना लिया। आसन के पास पहुंचकर लगातार हंगामा कर रहे थे। मामला जब हद से बढ़ गया तो विधानसभा अध्यक्ष ने बाहर से पुलिस बल को बुलाकर हंगामा कर रहे विधायकों को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। हंगामा कर रहे विधायकों को बल पूर्वक विधानसभा से बाहर किया गया।

सीढ़ियों से विधायक बाहर फेंके गए थे।

सीढ़ियों से विधायक बाहर फेंके गए थे।

विधानसभा अध्यक्ष ने DGP और गृह सचिव को दिया था जांच का निर्देश

बजट सत्र के दौरान 23 मार्च को विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ था। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने पटना DM-SP को विधानमंडल परिसर में बुला लिया था। इस दौरान सदन में पुलिस की एंट्री हुई थी। बाहर से आए अधिकारियों ने अध्यक्ष का घेराव कर रहे विपक्षी विधायकों को उठाकर बाहर कर दिया था। इसी दौरान कई विधायकों ने अपने साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट का आरोप लगाया था। विधायकों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले में DGP और गृह सचिव को जांच के निर्देश दिए थे। उसी रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा में लगे दो सिपाहियों शेषनाथ प्रसाद और रणजीत कुमार पर कार्रवाई हुई है। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है ।

तेजस्वी यादव ने 14 जुलाई को लिखा था पत्र

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूरी घटना को लेकर विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को चिट्ठी लिखी थी। अपने पत्र में तेजस्वी यादव ने मारपीट मामले में आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग दुहराई थी। तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में लिखा था कि 23 मार्च 2021 को विधानसभा में जो घटना घटी वो हिंसात्मक, अलोकतांत्रिक, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। तेजस्वी ने लिखा था कि इस घटना के बाद सदस्यों को सदन में जाने से डर लगने लगा है।

26 जुलाई से शुरू होने वाला है बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू होने वाला है। महज 5 दिनों का यह सत्र 3 दिन बाद शुरू हो जाएगा। संभावना यह है कि इस छोटे से सत्र में भी हंगामा खूब होनेवाला है क्योंकि विपक्ष कोरोना के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी के साथ उतरेगी। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई कर विपक्ष को शांत करने की कोशिश अभी से शुरू कर दी है।

 

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