15 साल का है अपचारी बालक:नाबालिग के पेट में दर्द, जांच कराने पर दुष्कर्म का खुलासा, दो माह का गर्भ था

 

कवर्धा. धरना प्रदर्शन के बाद महिला मोर्चा ने पैदल मार्च कर राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन। - Dainik Bhaskar

कवर्धा. धरना प्रदर्शन के बाद महिला मोर्चा ने पैदल मार्च कर राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।

  • सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र का मामला, नागपुर से अपनी दादी के घर आई थी लड़की, इसी दौरान की यह हरकत

सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र में एक 13 साल की लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस दुष्कर्म का खुलासा तब हुआ, जब पेट दर्द होने पर लड़की को हॉस्पिटल लेकर गए। पीड़ित लड़की पेट में दर्द है.. कहकर रोती थी। इस पर परिजन उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने जांच कर बताया कि लड़की 2 महीने के गर्भ से है।

पूछताछ की तो लड़की ने अपने साथ हुए दुष्कर्म का खुलासा किया। यह सुनकर माता-पिता सन्न रह गए। मामले में आरोपी एक अपचारी बालक है जो कि सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र का ही है। पुलिस ने उसे पकड़कर बाल सुधार गृह भेजा है।

घटना लोहारा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़ित लड़की अपने माता-पिता के साथ पिछले 10 साल से नागपुर (महाराष्ट्र) में रह रही है। जुलाई 2020 में वह अपनी दादी के घर लोहारा थाना क्षेत्र में रहने आई। यहां वह करीब ढाई महीने तक रही। इस दौरान वह हैवानियत की शिकार हुई। एक 15 साल के एक लड़के ने उसके साथ गलत काम किया।

डर के कारण पीड़ित लड़की ने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। वापस नागपुर (महाराष्ट्र) अपने माता-पिता के पास चली गई। अक्सर पेट दर्द के कारण रोती थी तो परिजन उसे नागपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां उसकी प्रेग्नेंसी का पता चला और दुष्कर्म का खुलासा हुआ।

लोहारा पुलिस पूछताछ के लिए गई थी नागपुर

लड़की से दुष्कर्म का पता चलने पर नागपुर पुलिस ने मामले में जीरो कायमी किया। चूंकि घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र की थी, इसलिए स्थानीय पुलिस को मामला सौंप दिया। लोहारा पुलिस की टीम पूछताछ के लिए नागपुर गई। वहां से 3 दिन बाद लौटी। थाने में शनिवार को धारा 376, 376(2)(जे), 376(2)(एन), पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में एफआईआर दर्ज किया। अपचारी बालक को पकड़कर बाल सुधार गृह भेजने कार्रवाई की गई।

बीते 10 दिन में दुष्कर्म के पांच मामले, तरेगांव जंगल क्षेत्र में आदिवासी लड़की के साथ दुष्कर्म

कबीरधाम जिले में दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते 10 दिन में ही कवर्धा, सहसपुर लोहारा, पांडातराई और तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के 5 मामले सामने आए हैं। पीड़िताओं में एक महिला आरक्षक भी शामिल हैं, जिसके साथ पुलिस विभाग के ही एक आरक्षक ने गलत काम किया। वहीं तरेगांव जंगल क्षेत्र में मेला घूमने गई एक आदिवासी लड़की को अगवा कर दुष्कर्म किया गया।

मामले में धारा 363, 376(2)(एन), 506 व पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। लड़की से हुई हैवानियत को उसका पिता सहन नहीं कर पाया और 19 फरवरी को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, तरेगांव जंगल थाने के टीआई मनोज साहू का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। बोड़ला एसडीओपी अजीत ओगरे को जांच सौंपी गई है।

मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है: सहसपुर लोहारा थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि नागपुर के अस्पताल से पीड़ित लड़की की मेडिकल रिपोर्ट मंगाई गई है।

महिला सुरक्षा को लेकर इनकी जिम्मेदारी है

पुलिस विभाग: जिले में महिलाओं की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी पुलिस की होती है। पूर्व में एकता चौक के पास महिला थाना बनाया गया था। अभी यहां क्या हो रहा, इसकी जानकारी नहीं है। कोतवाली थाना के पीछे महिला रक्षा सेल का गठन किया गया। यहां सिर्फ काउंसिलिंग होती है। पीड़ित महिला मान जाए, तो काउंसिलिंग के साथ राजीनामा किया जाता है। नहीं मानी, तो पीड़ित महिला के आवेदन पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर व उन्हें न्याय दिलाने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी है। विभाग की ओर से कवर्धा शहर में सखी वन स्टाफ सेंटर व बाल संरक्षण इकाई काम करती है। इसके अलावा भी कई एनजीओ पंजीकृत हैं, जिनके कार्य जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहे हैं। सुरक्षा सहित कानूनू पहलुओं की जानकारी देने व उन्हें जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाया जाना है, वह भी नहीं किए।

भावना बोलींः महिला सुरक्षा में भूपेश सरकार फेल

कबीरधाम समेत पूरे छग में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक स्थित भारतमाता प्रतिमा स्थल पर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने छग सरकार के खिलाफ हल्ला बोला, जमकर नारेबाजी की गई। सभा में उपस्थित भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री भावना बोहरा ने महिला सुरक्षा को लेकर छग की भूपेश सरकार को जमकर कोसा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। सरकार और पुलिस की लचर व्यवस्था से महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रहीं है। हाल ही में ऐसी कई घटनाएं सामने आई है, जो झकझोर देने वाली है। इस तरह के मामले लगाता बढ़ते ही जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कुछेक दिन पूर्व कोरबा में 6 लोगों ने 16 साल की लड़की से सामूहिक दुष्कर्म किया उसकी व उसके पिता और 4 साल के छोटे भाई की हत्या कर दी गई। 19 फरवरी को नक्सल प्रभावित तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़ित लड़की के पिता के आत्महत्या की दुःखद घटना हुई। अन्य पदाधिकारियों ने भी इस दौरान संबोधित किया।

राज्यपाल के नाम सौंपा तहसीलदार को ज्ञापन

धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला माेर्चा ने महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताई। राज्यपाल के नाम कवर्धा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर महिलाओं की सुरक्षा मांगी। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, जिपं अध्यक्ष सुशीला भट्ट, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मधु तिवारी, महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष देवकुमारी चंद्रवंशी, रति ठाकुर, ज्योति चंद्राकर, इंद्राणी चंद्रवंशी, सुरजीत कौर, विजय लक्ष्मी तिवारी समेत अन्य महिलाएं शामिल रहीं।

 

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