सहकारिता विभाग में 100 करोड़ का घोटाला, सरकारी पैसे से खरीदे गए निजी फ्लैट और प्लॉट; 14 भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी गिरफ्तार

चंडीगढ़ : हरियाणा के सहकारिता विभाग में 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। सहकारिता विभाग की एकीकृत सहकारी विकास परियोजना में अधिकारियों, कर्मचारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से लंबे समय से फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर विकास कार्य किये जाते हैं तथा सहकारी समितियों का विकास किया जाता है।

हरियाणा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस घोटाले को पकड़ने के बाद सहकारिता विभाग के 10 वरिष्ठ अधिकारियों और चार निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर खुद इस पूरे घोटाले पर नजर रखे हुए हैं और उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इसकी जानकारी दे दी थी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल से हरी झंडी मिलने के बाद कपूर ने अपनी टीम इन घोटालेबाजों के पीछे लगा दी और उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की. ब्यूरो को उम्मीद है कि घोटाले की जांच के दौरान कई और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है.

सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक सहकारी समितियां और जिला निबंधक सहकारी समितियां द्वारा ऑडिटरों की मिलीभगत से सरकारी खातों में जमा पैसे से अपने निजी हित में फ्लैट और जमीनें खरीदी जा रही थीं. इन अधिकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड में सरकारी रिकॉर्ड और बैंक खातों के बारे में भी गलत जानकारी दी थी।