10वीं-12वीं बोर्ड में 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए, जिला स्तरीय समारोह में 26 बालिकाएं पुरस्कृत

 

  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित हुआ मेधावी बालिका सम्मान समारोह में कलेक्टर ने किया पुरस्कृत

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर रविवार को सेठ किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभागार में मेधावी बालिकाओं का पुरस्कार वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम रखा गया। समारोह के मुख्य अतिथि कलेक्टर डाॅ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपने अपने में लक्ष्य निर्धारित करें कि उन्हें किस क्षेत्र में जाना है। सोनी ने बालिकाओं से कहा कि मां-बाप की मेहनत को आगे बढ़ाएं, जीवन में अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उनके प्रयासों को सार्थकता प्रदान करें।

उन्होंने कहा कि जीवन में भावुकता नहीं, संवेदनशीलता रखना अधिक रखें, भीड़ का हिस्सा न बनें, कुछ करने का प्रयास करें और अपनी अलग पहचान बनाएं। कलेक्टर ने राज्य सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान को धरातलीय स्तर पर प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए जिला स्तर पर किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। डाॅ. सोनी ने बताया कि वर्तमान में चल रहे रास्ता खोलो अभियान के तहत खुलवाए गए रास्तों पर बिटिया गौरव पट्टिकाएं लगवाई जा रही हैं।

सरकारी चिकित्सा संस्थानों, विशेषकर सीएचसी स्तर पर तो आवश्यक रूप से कन्या वाटिका विकसित करने का निर्णय किया गया है, जहां पर बेटी के जन्म पर प्रत्येक परिजन से एक पौधे लगवाया जाएगा। इसी प्रकार सरकारी विद्यालयों में मेधावी विद्यार्थियों के नाम प्रेरणा स्त्रोत बन सके, इसके लिए बिटिया गौरव डेश बोर्ड लगवाए जाने का निर्णय किया गया है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक श्वेता धनकड़ ने यहां मौजूद बालिकाओं से आह्वान किया उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रूको मत। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद बालिकाओं के अभिभावकों से कहा कि वे बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने आस-पड़ौस में भी चेतना लाने का काम करें। पुलिस अधीक्षक ने बालिकाओं से कहा कि जिस सपने को देखो, उसको पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करो।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि नागौर जिले की बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रशंसनीय नाम कमाया है, इस ख्याति को कायम रखने के लिए बालिकाओं को कड़ी मेहनत करनी होगी और अभिभावक भी उनकी योग्यता को प्रोत्साहित करने का काम करें। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कहा कि बेटियों को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के लिए उनका हर कदम पर साथ दें। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चाैधरी ने कहा कि बेटा-बेटी एक समान है, इस मुहिम को घर-घर तक पहुचाएं।

खुशी की बात है कि नागौर में बालिकाओं के शैक्षिक उन्नयन पर अच्छा काम हुआ है, जिसके सफलतम परिणाम आज आप सबके सामने हैं। कार्यक्रम को जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा गजानंद ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग गांव-ढाणी तक कार्य कर रहा है। वंचित बालिकाओं को स्कूल की दहलीज पर वापस लाने का काम भी चलाया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक दुर्गासिंह उदावत ने पोषित बालिका-स्वस्थ नागौर तथा स्काउट व गाइड की सीओ मीनाक्षी भाटी ने कोरोना महामारी के दौरान स्काउट की रोवर व रेंजर बालिकाओं द्वारा दिए गए संस्मरण बताए।
पाेस्टर का किया विमाेचन
इस मौके पर बाल विवाह मुक्त-नागौर अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। स्वागत भाषण महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक अशोक गोयल ने दिया। कार्यक्रम में यूनिसेफ-एक्शन एड के जिला समन्वयक रजत, जिला आईईसी समन्वयक हेमन्त उज्जवल, बालकिशन भाटी, संरक्षण अधिकारी राकेश सिरोही आदि स्टाफ मौजूद था। कार्यक्रम संयोजन राधेश्याम गोदारा ने किया। इस दाैरान कोमल प्रजापत, कल्पना स्वामी, पल्लवी रांकावत, मुमल कंवर, ललिता माली, नीलू सैनी, कुमकुम, निकु बेरा, पिंकी सोनी, सुमित्रा, दीक्षा कंवर, रेणुका चाैधरी, नाज बानो, पूजा कुड़िया, आरती बिश्नोई मौजूद रहे।

26 मेधावी बालिकाओं को पारितोषिक वितरित, एपीजे अब्दुल कलाम की पुस्तक भेंट
जिला स्तरीय समारोह में जिले की 26 मेधावी बालिकाएं, जिन्होंने कक्षा 10वीं तथा 12वीं बोर्ड में 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए, उनको पारितोषिक वितरण किया गया। अतिथियाें ने इन मेधावी बालिकाओं को नकद पुरस्कार राशि का प्रतीकात्मक चेक, प्रशस्ति पत्र व पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पुस्तक अग्नि की उड़ान की प्रतियां भेंट की गई। महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक अशोक गोयल ने बताया कि उक्त प्रोत्साहन राशि इन बालिकाओं के बैंक खातों में जमा करवाई जाएगी।

 

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