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1.58 लाख यात्रियों ने किये बाबा बर्फानी के दर्शन

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ तीर्थयात्रा में अब तक 1.58 लाख से अधिक यात्रियों ने हिमालय पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के बाबा बफार्नी के दर्शन किये।

आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि एक जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने से लेकर अब तक 1.58 श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर लिये हैं। अमरनाथ तीर्थयात्रा का समापन 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन होगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक पहलगाम और करीबी मार्ग बालटाल दोनों ही मार्गाें से यात्रा सुचारू रूप से जारी है और शाम तक छह हजार से अधिक यात्रियों के बाबा के दर्शन करने की संभावना है। रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह विभिन्न मार्गाें से यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के विभिन्न जत्थे पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हो चुके हैं।

शहीद दिवस पर लगाए गये प्रतिबंधों और अलगाववादियों के हड़ताल के आह्वान के मद्देनजर जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास आधार शिविर से शनिवार को अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई जिसके बाद यात्रियों का नया जत्था रवाना नहीं हो सका। पुलिस सूत्रों ने बताया, “शहीद दिवस के मद्देनजर घाटी में प्रतिबंध लगाए जाने के मद्देनजर एहतियात के तौर पर यात्रा स्थगित कर दी गई।”

उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों की तरफ से निर्देश जारी होने के बाद ही अमरनाथ यात्रियों के नये जत्थे को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।

शुक्रवार को यहां के आधार शिविर से 5395 तीर्थयात्री कश्मीर के हिमालय पर स्थित अमरनाथ गुफा के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए जबकि यात्रा शुरू होने के बाद से अभी तक जम्मू से 58,427 पंजीकृत तीर्थयात्री अधिकारिक तौर पर रवाना हुए हैं।

अलगावादियों के आहूत हड़ताल के कारण जम्मू से दूसरी बार तीर्थयात्रा स्थगित हो चुकी है। इससे पहले आठ जुलाई के आहूत हड़ताल के बाद सुरक्षा कारणों से जम्मू से यात्रा स्थगित रखी गयी थी।

यात्रा अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की शाम तक 13004 श्रद्धालुओं ने बाबा बफार्नी के दर्शन किये। अबतक (शुक्रवार की रात तक) देश के विभिन्न हिस्सों से महिलाओं, बच्चों और साधुओं सहित 1,57,062 तीर्थयात्रियों ने बाबा के दर्शन किये हैं। आज सुबह से अबतक 1000 से अधिक यात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किये तथा इसके अलावा कई अन्य यात्री भी पवित्र गुफा के दर्शन के लिये रास्ते में हैं।

इस बीच साधुओं एवं साध्वियों समेत यात्रियों और श्रद्धालुओं का नया जत्था जम्मू के भगवती नगर से मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले में स्थित बालटाल तथा अनंतनाग के नूनवान पहलगाम स्थित आधार शिविरों के लिए अलग-अलग मार्गाें से रवाना हुए।

‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारों के साथ महिलाओं, बच्चों और साधुओं सहित तीर्थयात्रियों का नया जत्था नुनवान पहलगाम आधार शिविर से पारंपरिक यात्रा मार्ग पर वाहनों के अंतिम पड़ाव स्थल चंदनवारी के लिए रवाना हुआ। चंदनवारी सहित विभिन्न स्टेशनों पर रात्रि ठहराव करने वाले तीर्थयात्री आज सुबह अगले शिविरों के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने कहा कि बालटाल आधार शिविर से तीर्थयात्रियों के नया जत्था आज सुबह तड़के पवित्र गुफा के लिए रवाना हो गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और साधुओं सहित तीर्थयात्रियों का यह जत्था पैदल दूरी तय करने के बाद पवित्र गुफा में पहुंचेगा।

इस बीच सदियों पुरानी परंपरा के मुताबिक ‘भूमिपूजन’, ‘नवग्रह पूजन’ और ‘ध्वजारोहण’, जो भगवान शिव से जुड़ी पवित्र ‘छड़ी मुबारक’ की वार्षिक पूजा से जुड़े हुए हैं, के लिए ‘अषाढ़ पूर्णिमा’ के मौके पर 16 जुलाई को पहलगाम में समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।

इस बीच हेलीकॉप्टर सेवा भी दोनों ओर से सामान्य रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक तीर्थयात्री, यहां तक कि जो पहलगाम के रास्ते तीर्थयात्रा कर रहे हैं, वे भी बालटाल मार्ग से लौट रहे हैं।

बाबा बफार्नी के दर्शन करने के बाद अधिकांश तीर्थयात्री अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं। कुछ तीर्थयात्री घर जाने से पहले गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम सहित डल झील और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा भी कर अपने तरीके से इस यात्रा का आनंद उठा रहे हैं।

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