1 जून से चल रही 200 ट्रेनों में TTE के लिए भी तय हुईं गाइडलाइंस, सफर से पहले जरूर जान लें

भारतीय रेलवे (Indian Railways) के इतिहास में पहली बार चलती हुई ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ अपने काले कोट और टाई के बिना दिखेगा. हालांकि उनके नाम व डेजिग्नेशन वाला बैज उनके कपड़ों पर रहेगा. यह प्रावधान 1 जून से शुरू हुई 100 जोड़ी यात्री ट्रेनों के TTEs के लिए जारी नए दिशानिर्देश का हिस्सा है. कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए ग्लव्स, मास्क, PPEs पहनना अनिवार्य किया गया है. साथ ही वे टिकटों को मैग्नीफाइंग ग्लास से चेक करेंगे.

दिशानिर्देशों के मुताबिक, सारे स्टाफ को पर्याप्त संख्या में फेस शील्ड, हैंड ग्लव्स, मास्क, हेड कवर्स, साबुन व सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा. TTEs प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट इस्तेमाल कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए जांच भी होंगी. इसके अलावा यात्रियों की टिकट को बिना छुए उसकी डिटेल को वेरिफाई किया जा सके, इसके लिए TTEs को अगर संभव हो सका तो मैग्नीफाइंग ग्लास दिए जाएंगे.

 

नई ट्रेनों में दुरंतो, संपर्क क्रांति जैसी ट्रेन भी शामिल

स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी दिशा-निर्देश हैं, जिनका पालन करना जरूरी है. इन दिशा-निर्देशों में फेस मास्क पहनना, रेलवे स्टेशन पर अनिवार्य स्क्रीनिंग, ट्रेन छूटने से 1.30 घंटे पहले रेलवे स्टेशन पहुंचना, अपना खाना-पीना व कंबल साथ लाना आदि शामिल हैं. 1 जून 2020 से देश में शुरू हुई 100 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों में दुरंतो, संपर्क क्रांति, जन शताब्दी और पूर्वा एक्सप्रेस जैसी ट्रेन शामिल हैं. ये ट्रेन पहले से चल रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और 30 स्पेशल एसी ट्रेनों के अतिरिक्त हैं. नई 200 ट्रेन ​में कोई भी कोच अनारक्षित नहीं है और जनरल कोचों में भी बैठने के लिए सीटें आरक्षित हैं. इन ट्रेनों में AC व नॉन AC क्लास दोनों तरह के कोच हैं.

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