होमगार्ड जवानों की स्वास्थ्य जांच में ही नहीं हुआ कोरोना गाइडलाइन्स का पालन, चुनावी ड्यूटी में गए संक्रमित तो फिर क्या होगा?

 

पटना के होमगार्ड कार्यालय में बीते कई दिनों से जवानों की सेहत परीक्षण का कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें गाइडलाइन्स हवा हवाई हैं।

  • होमगार्ड कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सैनिटाइजर को लेकर गंभीर नहीं विभाग
  • कोरोना काल में चुनाव में सुरक्षाकर्मियों से संक्रमण के बड़े खतरे की है आशंका

कोरोना काल में चुनाव संक्रमण का बड़ा खतरा लेकर आया है। खतरा ऐसे लोगों से अधिक है, जो चुनाव में सीधे आम लोगों के संपर्क में आएंगे। नेता ही नहीं, सुरक्षाकर्मियों से भी चुनाव में कोरोना संक्रमण का खतरा है। होमगार्ड के जवान संक्रमण की बड़ी कड़ी बन सकते हैं।

स्वास्थ्य परीक्षण में ही उन्हें कोरोना का खतरा सता रहा है। ऐन चुनाव से पूर्व हो रहे स्वास्थ्य परीक्षण में अगर जवान संक्रमण की चपेट में आए तो मतदान तक खतरा पैदा कर देंगे। सोमवार को जिला गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय में जांच के दौरान टूटी कोरोना गाइडलाइन खतरे की घंटी है।

यहां तो दूरी नहीं जरूरी

कोरोना से बचाव को लेकर दूरी बहुत जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग कोरोना गाइडलाइन में है। लेकिन, जिला गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय में गाइडलाइन हवा हवाई है। चुनाव की तैयारी में होमगार्ड जवानों की सेहत का परीक्षण संक्रमण के खतरे में किया जा रहा है। एसएसपी और जिलाधिकारी कार्यालय के बीच होमगार्ड कार्यालय है, जहां जवानों की सेहत का परीक्षण 28 सितंबर से किया जा रहा है। हर चार साल पर होने वाली सेहत की जांच इस बार कोरोना काल में हो रही है। चुनाव का दौर है और स्वास्थ्य जांच कराने के बाद जवान चुनाव में मोर्चा संभालेंगे। यहां टूटता नियम भारी पड़ सकता है।

स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आए इन जवानों के खड़े होने के लिए घेरा भी बनाया जाना था, जोकि नदारद था।

स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आए इन जवानों के खड़े होने के लिए घेरा भी बनाया जाना था, जोकि नदारद था।

सेहत की जांच में नहीं रखा सेहत का ध्यान

कोरोना गाइडलाइन के अनुसार होमगार्ड के जवानों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूरी बनाकर रखना था। कार्यालय के बाहर थर्मल स्कैनर के साथ सैनिटाइजर की व्यवस्था की जानी थी। डॉक्टरों के कक्ष में जवानों की भीड़ नहीं लगनी थी। इसकी निगरानी के लिए पदाधिकारियों को लगाया जाना था। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आने वाले जवानों के सोशल डिस्टेंसिंग में खड़े होने के लिए घेरा भी बनाया जाना था।

जवानों को डर लग रहा है लेकिन वह विरोध नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि तत्काल कार्रवाई कर दी जाएगी। कुछ जवानों ने नाम गोपनीय रखने के आग्रह के साथ बताया कि कई दिनों से वह सेहत की जांच कराने आ रहे हैं, लेकिन भीड़ के कारण काफी परेशान हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि जांच में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें।

 

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