हॉलीवुड में इस चीज के लिए शिकार बन गईं प्रियंका चोपड़ा, दुखी होकर कहा-इन लोगों ने मुझे भी नहीं छोड़ा

प्रियंका बॉलीवुड की उन एक्ट्रेसेज़ में शामिल हैं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा के दायरे से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा में अपनी पहचान कायम की है। हाल ही में प्रियंका ने इंडस्ट्री में 15 साल का सफ़र पूरा किया है। हिंदी फ़िल्मों में उन्होंने 2003 में द हीरो- लव स्टोरी ऑफ़ अ स्पाय फ़िल्म से पारी शुरू की थी, जो 9 अप्रैल को रिलीज़ हुई थी। अनिल शर्मा निर्देशित इस फ़िल्म के हीरो सनी देओल थे, जो रॉ एजेंट बने थे, जबकि प्रीति ज़िंटा कश्मीरी लड़की के रोल में थीं।

प्रियंका चोपड़ा ने फ़िल्म में सेकंड फ़ीमेल लीड रोल निभाया था, मगर पहली ही फ़िल्म से प्रियंका को नोटिस किया जाने लगा था। इसके एक महीने बाद ही अंदाज़ रिलीज़ हुई, जिसमें प्रियंका ने लारा दत्ता के साथ समानांतर नायिका का किरदार निभाया। राज कंवर निर्देशित फ़िल्म में अक्षय कुमार हीरो थे। ये दोनों ही फ़िल्में हिट रही थीं। आपकी जनकारी के लिए बता दे  प्रियंका चोपड़ा आज बॉलीवुड ही नहीं बल्कि हॉलीवुड में बड़ी सेलेब्रिटी के तौर पर जानी जाती हैं और हॉलीवुड फिल्मों में भी काम कर अपने अभिनय का लोहा विश्वस्तर पर मनवा रही हैं।

अमेरिका में रंगभेद को भले ही ख़त्म मान लिया गया हो, मगर आज भी ये अपना रंग दिखाता रहता है और इसका शिकार बनी चुकी हैं प्रियंका चोपड़ा। एक इंटरव्यू में प्रियंका ने खुलासा किया है कि अपनी त्वचा के रंग की वजह से उन्हें एक फ़िल्म छोड़नी पड़ी थी। हाल ही में प्रियंका ने खुलासा किया कि हॉलीवुड में रंगभेद के चलते उन्हें एक फिल्म में रोल नहीं मिला।

अभी हाल ही में एक इंटरनेशनल मैगजीन  में दिए गये इंटरव्यू में प्रियंका ने बताया कि घटना पिछले साल की है जिसमे उन्होंने हॉलीवुड में रंगभेद का सामना करने की बात कबूली।  उस वक्त वो एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में बाहर थी। उसी दौरान एक हॉलीवुड फिल्म स्टूडियो ने उनके मैनेजर से बात की।

या कि फिजिकैलिटी की वजह से प्रियंका को ये फिल्म नहीं मिल सकती है। प्रियंका ने बताया कि उस स्टूडियो का मतलब स्किन कलर को लेकर था। प्रियंका ने कहा कि ये सुनकर उन्हें न केवल हैरानी हुई बल्कि तकलीफ हुई कि इस वक्त भी हमारे इंडस्ट्री में रंगभेद जैसी चीजें चल रही हैं।

प्रियंका को बचपन में भी रंगभेद का शिकार होना पड़ा था। जिसका खुलासा वे पहले कर चुकी हैं। पढ़ाई के लिए प्रियंका ने US के एक स्कूल में एडमिशन लिया था। उस दौरान उन्हें रंगभेद झेलना पड़ा था।प्रियंका चोपड़ा ने कहा था, ‘जब मैं 12 साल की थी तो अमेरिका में स्कूली पढ़ाई के लिए आई थी। लेकिन अमेरिका में लोगों की रंगभेदी टिप्पणियों की वजह से मुझे यहां से भारत लौटना पड़ा।

’प्रियंका ने बताया था कि जब वो स्कूल में पढ़ती थीं तो सब उन्हें ब्राउनी कहकर बुलाते थे। बकौल एक्ट्रेस, ‘वो कहते हैं कि हम भारतीय सिर हिलाकर बात करते हैं। हमारा मजाक उड़ाया जाता है। हम घर पर जो खाना बनाते हैं, उस खाने की महक का मजाक उड़ाया जाता है। इन्हीं तानों से तंग आकर मैंने अमेरीका छोड़ा और भारत आ गई।

बाद में जब इस बारे में पड़ताल की गयी तो पता चला कि फिजिकेलिटी का तात्पर्य उनके स्किन कलर से था। स्टूडियो फ़िल्म में ऐसे किसी कलाकार को लेना चाहते थे, जिसकी त्वचा का रंग ब्राउन हो। प्रियंका को ये सुनकर काफ़ी दुख हुआ। हॉलीवुड में बेवॉच से डेब्यू कर चुकीं प्रियंका के पास फिलहाल अ किड लाइक जेक और इज़िंट इट रोमांटिक (Isn’t It Romantic) हैं, जिनमें वो अहम किरदार निभा रही हैं।

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