हिसर इलाके में रजिस्ट्रेशन के लिए उमड़ी मजदूरों की भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी

मुंबई. शहर से मजदूरों के पलायन का सिलसिला जारी है। शनिवार को एक बार फिर से दहिसर इलाके में प्रवासी मजदूरों की भीड़ सड़कों पर आ गई। ये सभी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जमा हुए थे। इनमें ज्यादातर पश्चिम बंगाल के थे। मजदूरों की भीड़ बढ़ती देख मौके पर पुलिस और रेलवे की फोर्स को भेजा गया। पुलिसवालों ने मौके पर पहुंचकर सभी को सड़क किनारे बैठाया। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की जमकर धज्जियां उड़ी।

कांदिवली में भी इसी तरह जमा हो गई थी भीड़

इससे पहले गुरुवार को कांदिवली इलाके में घर जाने के लिए जुटे प्रवासी मजदूरों के बीच भगदड़ और हंगामे की स्थिति बन गई थी। महावीर मैदान में श्रमिकों को बुलाया गया था। कागजों की जांच के बाद उन्हें बस से बोरीवली स्टेशन ले जाया जाना था। पहली ट्रेन बोरीवली से जौनपुर के लिए और दूसरी ट्रेन वसई से जौनपुर के लिए रवाना होनी थी। लेकिन, इसी बीच ट्रेनों के कैंसिल होने की खबर आ गई। इससे मजदूर भड़क गए। पुलिस ने मजदूरों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब मामला बढ़ने लगा तो केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को बुलाना पड़ा था।

20 लाख मजदूरों ने घर वापसी के लिए आवेदन किया
राज्य में 20 लाख ऐसे मजदूर हैं, जो अपने गृह राज्य जाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर यूपी-बिहार और पश्चित बंगाल के हैं। अब तक करीब 3 लाख मजदूरों को महाराष्ट्र सरकार ने उनके राज्यों में भेजा है। उन मजदूरों का कोई रिकॉर्ड नहीं है जो निजी वाहन से या पैदल चले गए हैं। इसकी पुष्टि राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से की गई है।

कोरोना लेकर अपने गांव न जाएं प्रवासी मजदूर: उद्धव

इससे पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता से अपील की है कि वे संक्रमित होकर अपने गांव-घर न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य के जो हिस्से ग्रीन जोन हैं उन्हें सुरक्षित रखना है। उन्हें रेड जोन नहीं बनने देना है। जो अभी रेड जोन हैं, उन्हें ग्रीन जोन में बदलना है। इसीलिए रेड जोन में लॉकडाउन के दौरान लगाई गई पाबंदियों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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