हिन्दू धर्म में मनुष्य की मृत्यु के बाद इन बातों का ध्यान रखना है बेहद जरुरी

हिन्दू धर्म के हमारे पुराणों में एक गरुड़ पुराण एक ऐसा महापुराण है, जिसमें जीवन के आरम्भ से लेकर मृत्यु तथा इसके पश्चात् की स्थितियों का भी वर्णन मिलता है। इसमें मनुष्यों को धर्म की राह पर जीवन जीने की प्रेरणा तो दी ही गई है, साथ ही मृत्यु के चलते परिवार के सदस्यों को क्या करना चाहिए, मृत्यु के पश्चात् आत्मा का क्या होता है, जैसी बातों के भी जवाब मौजूद हैं।

इन बातों का ध्यान रखना है बेहद जरुरी

# सूर्यास्त के पश्चात् कभी भी किसी शव को जलाना अथवा दफनाना नहीं ​चाहिए। अगर ऐसी स्थिति आ जाए तो शव को घर में ही रोककर रखें तथा कोई मनुष्य शव के निकट अवश्य रहे।

 

 

# पंचक को शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है। प्रथा है कि पंचक के दौरान यदि अंतिम संस्कार कर दिया जाए तो उस परिवार से पांच व्यक्तियों की मृत्यु होती है। शव को पंचक काल ख़त्म होने तक घर पर संभाल कर रखें।

# मृत्यु के पश्चात् किसी मनुष्य का दाह संस्कार उसकी संतान से ​कराए जाने की बात शास्त्रों में लिखी हुई है। ऐसे में अगर किसी का पुत्र या पुत्री मौके पर उपस्थित नहीं है, तो उसके आने की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।

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