हादसे में मृत 6 दोस्तों की कहानी:इकलौता सोनू विदेश में डॉक्टरी की कर रहा था पढ़ाई, बेटे की मौत की सूचना पर कानपुर से निकले पिता भी हुए हादसे का शिकार, बैरागी भाई गेट पर ताला लगा निकले थे

तलावली चांदा के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में हादसा कैद हो गया। हादसे में छह दोस्त नहीं रहे।

इंदौर में देर रात खड़े टैंकर में तेजगति से घुसी कार में छह दोस्तों की मौत हो गई। इंदौर में अब तक का यह सबसे बड़ा हादसा है। संभवत: पहली बार ऐसा हुआ जबकि एक साथ सफर कर रहे सभी 6 लोगों की मौत हुई है। इसके पहले 5 लोगों की सड़क हादसे में जान जा चुकी थी। बताया जा रहा है कि इसमें से चार सोनू, ऋषि, सूरज और देव अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। सड़क हादसे में जिस सोनू की मौत हुई है, वह विदेश में पढ़ाई कर रहा था और कोरोना संक्रमण की वजह से इंदौर आ गया था। वहीं, मृतक सुमित के माता-पिता एक गमी के चलते गांव गए हुए थे। बेटे की मौत की सूचना मिली तो वे तत्काल वहां से निकले, लेकिन रास्ते में वे भी हादसे का शिकार हो गए। हालांकि किसी को चोट नहीं आई और वे इंदौर के लिए रवाना हुए। वहीं, बैरागी बिना बताए घर से गए थे।

अस्पताल में इस प्रकार से बॉडी रखी हुई थीं।

अस्पताल में इस प्रकार से बॉडी रखी हुई थीं।

आदर्श मेघदूत नगर का रहने वाला सोनू पिता दूलचंद जाट : मृतक सोनू के बारे में जानकारी मिली है कि वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। वह विदेश में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था। काेरोना फैलने के बाद परिजनों ने उसे रशिया से वापस इंदौर बुला लिया था। संक्रमण तेज होने के कारण वह इंदौर में ही रुका हुआ था। 16 जून को इसका जन्मदिन धूमधाम से परिजनों ने मनाया था, क्योंकि बेटा विदेश में रहने के कारण ज्यादा यहां नहीं आ पाता था। सोनू के पिता का इंदौर में गाड़ियों का कारोबार है। यह मूलत: धार जिले के सरदारपुर के रहने वाला था।

देर रात छोटू ने कॉफी के साथ सोशल मीडिया पर स्टेटस डाला था।

देर रात छोटू ने कॉफी के साथ सोशल मीडिया पर स्टेटस डाला था।

परिजन मुन्नालाल जाट ने बताया कि सोनू रात 8 बजे मां से कहकर निकला था कि वह दोस्तों के साथ पार्टी करने जा रहा है। मैं लेट आऊंगा मेरे लिए खाना मत बनाना। कुछ देर बाद घर के सामने ही तीन दोस्त कार से आए और हार्न बजाते ही सोनू बाहर आ गया। वह कार में सवार हुआ और सभी निकल गए। छोटी बहन सरिता ने रात साढ़े 12 बजे उसे कॉल किया तो फोन किसी एंबुलेंस वाले ने उठाया तब पता चला कि हादसा हुआ है।

एंबलुेंस से घर पहुंचे शव।

मालवीय नगर का रहने वाला छोटू उर्फ चंद्रभान पिता शैलेंद्र रघुवंशी : छोटूृ का 3 अक्टूबर को जन्मदिन था। यह गुजराती कॉलेज से बीकॉम कर रहा था। हादसे वाली कार इसी की थी। देर शाम इसने घर से कार की चाबी ली और कहा कि दोस्त की पार्टी में जा रहा हूं। बड़े भाई हरिओम को उस समय हादसे का पता चला जब क्षेत्र में ही रहने वाले पुलिस जवान राजेंद्र कुमार का कॉल आया। उन्हाेंने बताया कि तुम्हारी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई है। इसके बाद परिजन छोटू को कॉल करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद वे एमवाय पहुंचे।

सीसीटीवी में नजर आया भीषण हादसा।

सीसीटीवी में नजर आया भीषण हादसा।

भाग्यश्री कॉलोनी का रहने वाला सुमित पिता अमर सिंह यादव भी हादसे का शिकार हुआ है। सुमित के पिता मोहल्ले में ही किराने की दुकान संचालित करते हैं। वह कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र था। इसके बड़े पापा का निधन होने पर मां गायत्री के साथ पिता कानपुर अपने गांव पहुंचे थे। घर पर भाई शुभम था। इसने कहा कि वह दाेस्तों के साथ जा रहा है। इसके बाद भाई को देर रात हादसे की सूचना मिली। बेटे की मौत की जानकारी लगते ही रात में ही पिता वहां से निकले। लेेकिन बीच रास्ते वे भी हादसे का शिकार हो गए। हालांकि हादसे में किसी को चोट नहीं आई और वे फिर से उसी गाड़ी से इंदौर के लिए रवाना हुए।

शव अस्पताल से घर पहुंचे तो पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया।

शव अस्पताल से घर पहुंचे तो पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया।

भाग्यश्री कॉलोनी में रहने वाला 19 साल का ऋषि पिता अजय पवार : आईटीआई में पढ़ने वाले ऋषि के पिता का टाइल्स का कारोबार है। यह इकलौती संतान थी। इसका पूरा परिवार माता-पिता, दादा-दादी साथ में ही रहते थे। यह घर पर पार्टी का बोलकर निकला था।

हादसे के बाद का मंजर।

हादसे के बाद का मंजर।

हादसे में दो भाइयों की मौत
मालवीय नगर निवासी गोलू उर्फ सूरज (25) पिता विष्णु बैरागी और देव (28) पिता रामकुमार बैरागी दोनों चचेरे भाई थे। सूरज एक भाई और बहन थे। वह निजी कंपनी में जॉब करता था। सूरज को जिम का बहुत शौक था। उसकी बहन पुणे में रहती है। वहीं, चचेरे भाई देव की भी एक छोटी बहन है। देव बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों का कहना था कि इन्होंने घर से जाने की कोई जानकारी नहीं दी थी। देर रात जब हादसे की जानकारी पिता को मिली तो उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे तो घर पर सो रहे हैं। हालांकि जब वे कमरे में पहुंच तो बाहर चैनल गेट पर ताला लगा था और कमरे में कोई नहीं था। इसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। पिता कोर्ट में जॉब करते हैं।

 

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