हाईकोर्ट ने कहा- उम्रदराज आरोपी भी पुलिस की मौजूदगी में हो रहे फरार, ओवरवेट कर्मचारियों को छापेमारी के लिए नहीं, ट्रेनिंग एकेडमी भेजें

 

 आने वाले दिनों में पंजाब पुलिस की ओर से की जा रही रेड में आप फिजिकली अनफिट या ओवरवेट पुलिसकर्मियों को नहीं देखेंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के एडीजीपी को ऐसे अनफिट पुलिसवालों को रेड में नहीं बल्कि पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में भेजने के निर्देश दिए हैंं।

जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने एक केस की सुनवाई के दौरान अपने फैसले ने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि उम्रदराज आरोपियों को भी पुलिस पार्टी नहीं पकड़ पा रही है, खासतौर पर एक्साइज एक्ट के मामलों में पुलिस पार्टी की मौजूदगी में आरोपी मौके से फरार हो रहे हैं।

ऐसे में एडीजीपी पता लगाएं कि इसका क्या कारण है। पुलिस गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर में छापेमारी करते हैं और आरोपी छत से कूदकर या दीवार फांदकर फरार हो जाते हैं। ये सब पुलिस पार्टी की मौजूदगी में होता है। ऐसे में ओवरवेट मुलाजिमों को छापेमारी के लिए नहीं ले जाया जाए जो भाग कर आरोपियों को पकड़ ना सके।

माेगा से जुड़े 2020 के केस पर सुनवाई के दौरान फैसला

मोगा के निहाल सिंह वाला पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 16 सितंबर 2020 को दर्ज मामले में आरोपी मलकीत सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष कहा गया कि आरोपी प्लास्टिक बैग में नशे का सामान लेकर आ रहा था था। पुलिस पार्टी को देख कर उसने बैग फेंक दिया और मौके से भाग खड़ा हुआ।

हेड कॉन्स्टेबल आरोपी को जानता था और उसने बताया कि आरोपी का नाम मलकीत सिंह है। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए कहा कि यह कैसे संभव है कि 45 वर्षीय आरोपी पुलिस पार्टी की मौजूदगी में मौके से भाग गया हो। इसके अलावा आरोपी पर कोई दूसरा केस भी दर्ज नहीं है फिर हेड कांस्टेबल ने उसकी पहचान कैसे की, ऐसे में संदेह का लाभ देते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।

3 माह का फिजिकल ट्रेनिंग सेशन दें

हाईकोर्ट ने एडीजीपी को निर्देश दिए कि एक्साइज के केस समेत ऐसे मामले जहां पुलिस की मौजूदगी में आरोपी फरार हुए उनकी सूची बनाएं। आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाने वाले ओवरवेट पुलिस मुलाजिमों को डॉक्टरों की टीम की निगरानी में पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में 3 माह फिजिकल ट्रेनिंग सेशन दिया जाए। युवा, फिट पुलिस कर्मियों को एक्साइज एक्ट के केसों में छापेमारी को ले जाया जाए। कोर्ट एडीजीपी को 3 माह में रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

 

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