हवाई यात्रा:लॉन्च होने के 4 साल बाद भी ‘उड़ान’ योजना कर रही संधर्ष, सिर्फ 40% रूटों पर ही फ्लाइट्स

मोदी सरकार ने 2016 में देश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उड़ान योजना शुरू की थी। लेकिन 4 साल बाद भी ये योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी है। एयरलाइंस ने अब तक दिए हवाई रूट्स में से केवल 40% पर ही सक्रियता दिखाई है।

बुनियादी ढांचे और कम मांग से आ रही परेशानी
एयरलाइंस को इस योजना के तहत 766 रूट पर फ्लाइट शुरू करना था लेकिन पर्याप्त बुनियादी ढांचा न होने और कम मांग के कारण अब तक सिर्फ 311 रूट्स पर ही उड़ाने शुरू हो सकी हैं। इस योजना के तहत अब तक 47 हवाई अड्डों, पांच हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रम को शुरू किया गया है।

कोरोना के कारण धीमी हुई रफ्तार
कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन के चलते सभी एयरलाइंस की हालत खराब हो गई थी। इसके कारण ज्यादातर एयरलाइंस को नुकसान उठाना पड़ा और कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाला गया। इसका असर उड़ान योजना भी पड़ा है।

8 मार्च से दिल्ली से बरेली के बीच शुरू होगी हवाई यात्रा
एलायंस एयर 8 मार्च से दिल्ली से बरेली के बीच फ्लाइट शुरू करने जा रही है। दिल्ली के लिए पहली उड़ान के लिए बरेली के लोगों करीब 2,500 रुपए किराया चुकाना होगा। इससे पहले एलायंस एयर 1 मार्च से दिल्ली-बिलासपुर और दिल्ली-प्रयागराज के बीच फ्लाइट शुरू करने की घोषणा कर चुका है।

21 अक्‍टूबर 2016 को हुई थी योजना की शुरुआत
केंद्र सरकार ने हवाई सम्‍पर्क को प्रोत्‍साहन देने और हवाई यात्रा को आम जनता के लिए किफायती बनाने के लिए 21 अक्‍टूबर 2016 को क्षेत्रीय संपर्क योजना – (उड़े देश का आम नागरिक) उड़ान का शुभारंभ किया था।

 

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