स्‍टूडेंट्स को एक साथ दो डिग्री देने का UGC तैयार कर रहा ड्राफ्ट, ऑनलाइन पढ़ाई पर नहीं लागू होगा नियम

भारतीय एजुकेशन सिस्टम में बड़े स्तर पर बदलाव होना है, जहां स्‍टूडेंट्स को एक समय में दो डिग्री प्राप्त करने का रास्ता खोला जा रहा है. नई शिक्षा नीति में शिक्षा की क्वालिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. भारतीय और विदेशी यूनिवर्सिटी जल्द ही संयुक्त या दो डिग्री की पेशकश कर सकेंगी. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इन शिक्षा कार्यक्रमों के नियमों से संबंधित मसौदे (Draft)को अंतिम रूप दिया है. हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय मसौदे को लेकर मिलने वाली प्रतिक्रिया के बाद लिया जाएगा जिसे सार्वजनिक किया गया है.

इस मसौदे के मुताबिक, भारत के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट क्रेडिट पहचान और ट्रांसफर के साथ-साथ दो डिग्री देने को लेकर समकक्ष विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता कर सकेंगे. इसके मुताबिक, यह नियम ऑनलाइन, ओपन यूनिवर्सिटी के लिए उपलब्ध नहीं होंगे.

बजट 2021 में आया ड्यूल डिग्री का सुझाव

नियमों के अनुसार, दो डिग्री कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों संस्थानों की डिग्री संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद भारतीय और विदेशी यूनिवर्सिटी संस्थान अलग-अलग या संयुक्त डिग्री दे पाएंगे.बजट 2021 में सरकार ने जॉइंट और ड्यूल डिग्री का रास्ता खोल दिया है. इसके बाद यूजीसी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भारतीय-विदेशी संस्थानों के बीच कांट्रेसी को लेकर एक प्रारूप बना रहा है. इस मामले में पांच मार्च से सुझाव मंगवाएं गए हैं,जिसमें दोनों संस्थानों को ध्यान में रखकर नियम बनेंगे.

जानकारी के मुताबिक, अगर कोई भारतीय हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट एक विज्ञापन जारी करता है कि वह एक विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान से डिग्री/ डिप्लोमा की पेशकश कर रहा है और यदि इस तरह के सहयोग के लिए आयोग की मंजूरी नहीं है, तो आयोग  जांच करेगा और इसकी जांच पूरी होने पर आयोग भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई शुरू करेगा, “मसौदा दिशानिर्देशों में कहा गया है.

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