सोशल मीडिया पर गंदा धंधा:मुंबई में अश्लील प्रैंक वीडियो बनाने के आरोप में 3 यूट्यूबर गिरफ्तार, सिर्फ 4 महीने में इन्होंने की थी 2 करोड़ रुपए की कमाई

 

गिरफ्तार आरोपियों ने सिर्फ 4 महीने में अश्लील वीडियोज के जरिए की थी 2 करोड़ रुपए की कमाई। - Dainik Bhaskar

गिरफ्तार आरोपियों ने सिर्फ 4 महीने में अश्लील वीडियोज के जरिए की थी 2 करोड़ रुपए की कमाई।

मुंबई की साइबर क्राइम सेल ने सोशल मीडिया पर अश्लील प्रैंक वीडियो बनाने और उसे अपलोड करने के आरोप में शनिवार को तीन लोगों को अरेस्ट किया। ये पैसे का लालच देकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे और उनके साथ अश्लील प्रैंक वीडियो बनाते थे। मुंबई साइबर सेल ने ऐसे ही 17 चैनलों को ब्लॉक करने के लिए यूट्यूब और फेसबुक को लिखा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई फोन और कैमरा उपकरण भी बरामद किए हैं।

पुलिस ने यह कार्रवाई यूनाइटेड स्टूडेंट एसोसिएशन के स्टेट जनरल सेक्रेटरी, फैजल शेख की कंप्लेंट पर की है। शेख का आरोप है कि लड़कियों के साथ वीडियो को बनाते समय उन्हें गलत तरीके से छुआ जाता था और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया जाता था। जॉइंट कमिश्नर क्राइम ब्रांच मिलिंद भारांबे ने बताया कि ये प्रैंक वीडियो मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बनाया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश गुप्ता (29), प्रिंस राजू (23) और जितेंद्र गुप्ता (25) के रूप में हुई है।

आरोपियों को शनिवार को मीडिया के सामने पेश किया गया।

आरोपियों को शनिवार को मीडिया के सामने पेश किया गया।

अभी और लोगों की होगी गिरफ्तारी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वीडियो लड़कियों का कंसेंट लिए बगैर बनाए गए हैं। मिलिंद भारांबे ने अपील की है कि पैसे के लिए ऐसे वीडियो बनाने का मामला अगर पैरेंट्स को पता चलता है तो उसे रोके और अगर कोई मामला सामने आया है तो उसे साइबर पुलिस को बताए। उनका कहना है कि इस मामले में अभी और आरोपियों को पकड़े जाना है।

8वीं के बच्चों को ट्यूशन देता है मुख्य आरोपी
मिलिंद भारांबे ने बताया कि गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी मुकेश गुप्ता, 8वीं के बच्चों को ट्यूशन भी देता था। ये प्रैंक वीडियो बांद्रा, गोराई बीच, आक्सा बीच जैसे जगहों पर बनाया जाता है। जॉइंट कमिश्नर ने बताया कि कुछ फेसबुक पेज को भी बंद करने के लिए भी हमने लेटर दिया है।

4 महीने में ऐसे वीडियो से कमाए 2 करोड़ रुपए
कैची कंटेंट होने की वजह से इन्होंने कई लाख फॉलोवर फेसबुक और यूट्यूब पर जोड़ लिए थे। वीडियो से आरोपी सिर्फ चार महीने में 2 करोड़ से ज्यादा रुपए कम चुके थे। मिलिंद भारांबे ने बताया कि जांच में ये भी पता चला है कि कुछ लड़कियां पॉकेट मनी के लिए ऐसे वीडियो बनाने के लिए तैयार हो गई थीं, हम अपील करेंगे कि ऐसी वीडियो ना बनाएं।

कुछ नाबालिग बच्चियों को भी इसमें शामिल किया गया
मुकेश गुप्ता ने ट्यूशन में पढ़ने वाली लड़कियों को भी इस वीडियो में शामिल किया है जो माइनर हैं। कुछ माइनर लड़के भी हैं। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, IT एक्ट और IPC के तहत मामला दर्ज किया है।

 

खबरें और भी हैं…

Check Also

सरकार ने कोई काम नहीं किया:आप के भगवंत मान ने कोविड रिलीफ फंड को लेकर CM कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांगा हिसाब, बोले- कितना पैसा आया, सार्वजनिक नहीं किया

  आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने � मान बोले-राज्य के सरकारी अस्पतालों में …