सोने की ईंट पाने के लिए लगाया छक्‍का, कुछ फीट से चूका, इस खिलाड़ी ने ठोका दुनिया का सबसे तेज दोहरा शतक

एडम गिलक्रिस्ट. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज. जिन्होंने क्रिकेट की दुनिया में विकेटकीपर्स की बल्लेबाजी को एक नया चेहरा और तरीका दिया. उनके आने से पहले तक कीपर्स के लिए बैटिंग हमेशा सैकंडरी ही होती थी. लेकिन एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) ने ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाकर कीपिंग और बैटिंग दोनों को बराबरी का स्किल बना दिया था. शायद उनकी वजह से ही आगे चलकर कीपर से अच्छी बैटिंग की उम्मीद भी रखी जाने लगी. वनडे में जहां उन्होंने ओपनिंग का जिम्मा संभाला तो टेस्ट में नंबर छह पर बैटिंग का. कई बार छठे नंबर पर आकर उन्होंने अपनी तेजतर्रार बैटिंग से मैच का रूख पलट दिया. ऐसी ही एक घटना आज से 19 साल पहले हुई. 23 फरवरी 2002 के दिन एडम गिलक्रिस्ट ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में महज 212 गेंद में दोहरा शतक ठोक दिया था. यह उस समय का सबसे तेज दोहरा शतक (Fastest Double Century) था.

ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट की सीरीज खेलने के लिए दक्षिण अफ्रीका गया था. पहला मुकाबला जोहानिसबर्ग में हुआ. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ ने टॉस जीता और पहले बैटिंग चुनी. सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने 122 रन की पारी खेली. वहीं मार्क वॉ ने 53, रिकी पोंटिंग ने 39, स्टीव वॉ ने 32 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पांच विकेट पर 293 रन था. अब मैदान पर थे डेमियन मार्टिन और एडम गिलक्रिस्ट. दोनों एलन डॉनल्ड, मखाया एनटिनी, जैक कैलिस, आंद्रे नेल जैसे तेज गेंदबाजों पर टूट पड़े. मार्टिन ने टेस्ट क्रिकेट के हिसाब से ही पारी को आगे बढ़ाया तो गिलक्रिस्ट ने वनडे क्रिकेट की शैली में शॉट लगाए. हालांकि उन्होंने अपना पचासा 89 गेंद में छह चौकों और एक छक्के के साथ पूरा किया था. जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी वैसे-वैसे ही गिलक्रिस्ट के हमले तेज होते गए. 121 गेंद में उन्होंने शतक पूरा कर लिया था. यानी अगले 50 रन 32 गेंद में बने.

Adam Gilchrist Double Century

एडम गिलक्रिस्ट ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना सबसे तेज दोहरा शतक लगाया था.

बॉथम का 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

इसी तरह से तूफानी अंदाज में खेलते हुए एडम गिलक्रिस्ट ने 212 गेंद में 200 रन का आंकड़ा पार कर दिया. उन्होंने 19 चौकों और आठ छक्कों के सहारे यह कमाल किया. गिलक्रिस्ट ने सबसे तेज 200 रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना दिया. उन्होंने इंग्लैंड के इयान बॉथम को पीछे छोड़ा. बॉथम ने 1982 में भारत के खिलाफ द ओवल टेस्ट में 220 गेंद में दोहरा शतक लगाया था. हालांकि गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड भी ज्यादा दिन तक नहीं ठहरा, इस मैच के तीन सप्ताह बाद ही न्यूजीलैंड के नाथन एस्टल ने 153 गेंद में दोहरा शतक लगा दिया था. यह रिकॉर्ड आज भी एस्टल के ही नाम है.

सोने की ईंट जीतने से चूके गिलक्रिस्ट

गिलक्रिस्ट नाबाद 204 रन के साथ लौटे. अपनी पारी से उन्होंने रिकॉर्ड्स के साथ ही दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट में लड़ने के इरादों को भी तोड़ दिया. अपनी पारी के दौरान गिलक्रिस्ट ने सोने की ईंट जीतने की कोशिश भी की. दरअसल स्टेडियम के पास एक विज्ञापन लगा था. इस पर लिखा था कि जो भी खिलाड़ी इस होर्डिंग पर गेंद मार देगा उसे सोने की ईंट दी जाएगी. तो जब एडम गिलक्रिस्ट 169 रन पर थे उस समय उन्होंने इसकी तरफ एक शॉट लगाया. गेंद होर्डिंग की तरफ गई लेकिन कुछ फीट पहले गिर गई. ऐसे में वे सोने की ईंट नहीं जीत पाए. लेकिन इस कोशिश से यह भी पता चलता है कि अपनी पारी के दौरान गिलक्रिस्ट कैसे दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों से खेल रहे थे.

दक्षिण अफ्रीका को इतिहास की दूसरी सबसे बुरी हार मिली

जोहानिसबर्ग टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पारी सात विकेट पर 652 रन के साथ घोषित की. इसके जवाब में मेजबान टीम पहली पारी में 159 रन पर सिमट गई. एश्वेल प्रिंस 49 रन के साथ टॉप स्कोरर रहे. दूसरी पारी में भी टीम की हालत नहीं सुधरी. ग्लेन मैक्ग्रा (5) और शेन वॉर्न (4) ने मिलकर 133 रन पर प्रोटीयाज टीम का बोरिया-बिस्तर बांध दिया. ऐसे में तीन दिन में ही मैच खत्म हो गया. दिलचस्प बात यह है कि दो दिन तक तो ऑस्ट्रेलिया ने ही बैटिंग की थी. यह मैच दक्षिण अफ्रीका पारी और 360 रन से हारा. यह टेस्ट क्रिकेट में किसी भी टीम की दूसरी सबसे बड़ी हार है. पहले पायदान पर ऑस्ट्रेलिया है जिसे इंग्लैंड ने 1938 में पारी और 579 रन से हराया था.

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