सूर्य ग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप, करेगा बड़े से बड़े रोग का निवारण

ग्रहण लगना एक खगोलयी घटना है। जैसे कि सब जानते हैं कि 26 दिसंबर को साल 2019 का आख़िरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) लग रहा है। जब चंद्रमा सूर्य व पृथ्वी के बीच में आ जाता है, जिस कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती तो उस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ग्रहण का सूतक बहुत समय पहले से ही शुरू हो जाता है, जिस दौरान कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, ग्रहण के समय भगवान के नामों का जाप किया जाता है, जिससे कि व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कहा जाता है ग्रहण अवधि में मानव जीवन पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव हावी होने की अधिक संभावना होती है। यही कारण है ग्रहण के दौरान कुछ भी करने से पहले कई बार सोचते हैं। बताया जाता है इस दौरान सबसे ज्यादा डर प्रेग्नेंट महिलाओं को होता है।

उनके लिए इस दिन से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। परंतु इसका मतलब ये नहीं कि अन्य लोग ग्रहण के प्रभाव से आज़ाद माने जाते हैं। सभी पर इसका पूरा प्रभाव पड़ता है। तो वहीं ग्रहण काल के दौरान किए जाने वाले कुछ ऐसे काम बताए गए हैं जिन्हें इस दौरान करने से अच्छे व शुभ फल प्राप्त होते हैं। जी हां, इतना ही नहीं ये काम करने से हर इच्छित कामना भी पूरी होती है।

मान्यता है कि ग्रहण का समय मंत्र सिद्धि के लिए बेहद ही उपयोगी माना जाता है। कहते हैं कि किसी विशेष प्रयोजन के लिए जपा गया मंत्र बहुत ही शुभ होता है।

सूर्यग्रहण काल में जपे इनमें से कोई भी एक मंत्र

ग्रहण काल के दौरान इस मंत्र का जप करने से यह तुरंत सिद्ध हो जाता है। जातक के जो भी शत्रु उसे परेशान करते हैं, अगर उसका नाम लेकर 11 बार ये मंत्र पढ़ा जाए तो वे दुश्मन मित्र में तबदील हो जाता है।

ॐ नमः वज्र का कोठा, जिसमें पिंड हमारा बैठा।
ईश्वर कुंजी ब्रह्मा का ताला, मेरे आठों धाम का यती हनुमन्त रखवाला।।

सफलता प्राप्त करने के लिए-

निम्न का मंत्र का जप करने से एक साथ अनेक कार्यों में सफलता मिलने लगती हैं। जिस कार्य में सफलता नहीं मिल रही हो तो मंत्र सिद्ध होने से बाद सिंद्ध मंत्र का उच्चारण करते हुए अपने ही दाएं हाथ पर तीन बार फूंक मारे, कार्य बनने लगेगा।

ॐ काली घाटे काली माँ, पतित-पावनी काली माँ, जवा फूले-स्थुरी जले।
सई जवा फूल में सीआ बेड़ाए। देवीर अनुर्बले। एहि होत करिवजा होइबे।
ताही काली धर्मेर। बले काहार आज्ञे राठे। कालिका चण्डीर आसे।।

मुकदमे में विजय के लिए-

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।

बड़े से बड़े रोग होंगे दूर

बड़े से बड़े रोग से मुक्ति पाने के लिए आगे दिया गया मंत्र सिद्ध कर लें। इसके लिए रोगी एक गिलास पानी के साथ मंत्र को अभिमंत्रित कर 7 दिनों तक रोज़ ये पानी पिए। हमेशा के लिए रोग मुक्त हो जाएगा।

ॐ मां भयात् सर्वतो रक्ष, श्रियं वर्धय सर्वदा। शरीरारोग्यं मे देहि, देव-देव नमोऽस्तु ते।।

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