सुबह 50 ग्राम भीगे हुए चने खाने से मिलेंगे कमाल के फायदे, रोमांचक हो जाएगी पुरुषों की मैरिड लाइफ

बचपन से हमारी दादी-नानी सुबह-सुबह भीगे हुए चने खाने की सलाह देती आ रही हैं. मगर क्यों? क्या सच में रात को चने भिगाकर, उसे सुबह खाना इतना फायदेमंद है. तो इस सवाल का जवाब ‘हां’ है. सुबह नित्कर्म से फ्री होने के बाद खाली पेट भीगे हुए चने खाने से कमाल के स्वास्थ्य फायदे प्राप्त होते हैं. आप खुद को फिट रखना चाहते हों, बॉडी बनाना चाहते हों या कमजोरी दूर करना चाहते हों, भीगा हुआ चना खाने से हर फायदा प्राप्त हो सकता है. सुबह खाली पेट भीगे हुए चने खाने से आपको किसी ड्राई फ्रूट खाने के बराबर स्वास्थ्यवर्धक गुण प्राप्त हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि भीगे हुए चने खाने से कौन-कौन से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं.

चने में मौजूद पोषण
1 कप यानी करीब 50 ग्राम चने में निम्नलिखित पोषण मौजूद होता है.

  • कैलोरी- 46
  • कार्ब्स- 15 ग्राम
  • फाइबर- 5 ग्राम
  • प्रोटीन- 10 ग्राम
  • इसके अलावा इसमें आयरन, फोलेट, फॉस्फोरस, कॉपर और मैंगनीज भी मौजूद होता है.

एक्सपर्ट की राय: स्पर्म काउंट बढ़ाता है
देश के जाने-माने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट व ‘‘इंक्रेडिबल आयुर्वेदा’’ के संस्थापक डॉ. अबरार मुल्तानी के अनुसार, भीगे हुए चने हर मामले में बादाम से बेहतर हैं. लेकिन उनकी कीमत बादाम की तुलना में कम होने से लोग इसकी इतनी कद्र नहीं करते. अगर लोग इसके पूरे-पूरे फायदे जान लें, तो बादाम पर पैसे खर्च करना बंद कर दें. एक्सपर्ट कहते हैं कि जो शादीशुदा पुरुष स्पर्म काउंट की कमी या नपुंसकता की समस्या से जूझ रहे हैं, वो भी सुबह भीगे हुए चने का सेवन करके अपनी मैरिड लाइफ में फिर से रोमांच ला सकते हैं. स्पर्म काउंट की कमी को दूर करने के लिए 1 चम्मच मिश्री के साथ मुट्ठी भर भीगे हुए चने खाने की एक्सपर्ट सलाह देते हैं.

तेज मेटाबॉलिज्म
चने के सेवन से आपका पाचन तंत्र मजबूत बनता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है. मेटाबॉलिज्म में बढ़ोतरी होने के कारण आपका शरीर पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से फैट को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल कर पाता है और आप जल्दी फैट बर्न कर अतिरिक्त वसा से मुक्ति पा सकते हैं. इसके अलावा इसमें आयरन की मात्रा होती है, जो इसकी कमी से होने वाली खून की कमी को दूर करने में मदद करती है.

वेट लॉस में मददगार
चने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा मौजूद होती है. इसके अलावा इसमें कैलोरी भी काफी कम होती है. प्रोटीन और फाइबर आपकी भूख को संतुलित करने में मदद करते हैं और लो-कैलोरी फूड होने के कारण आप बेफिक्र होकर इसका सेवन कर सकते हैं. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. अबरार मुल्तानी के अनुसार, भिगोए हुए चने में फाइबर्स होते हैं, जो पेट को साफ करते हैं और डाइजेशन बेहतर करते हैं. वहीं, टेलर और रॉबर्ट मुर्रे द्वारा एनसीबीआई पर 2016 में प्रकाशित शोध के मुताबिक भी, जो लोग रोजाना चने खाते हैं, उनमें मोटापा विकसित होने का खतरा 53 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

 

ऊर्जा का बेहतरी सोर्स
काले चने में मैंगनीज, थियामिन, मैग्नीशियम व फॉस्फोरस आदि पोषक तत्व होते हैं. इन पोषक तत्वों के सेवन से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है. इसके अलावा मेटाबॉलिज्म तेज होने पर भी आपका शरीर पहले से ज्यादा फैट बर्न करके एनर्जी का उत्पादन करता है.

ब्लड शुगर में कंट्रोल
चने का ग्लाइकेमिक इंडेक्स (जीआई) काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि इसके सेवन से आपके शरीर में ब्लड शुगर का लेवल काफी कम बढ़ता है. इसके अलावा यह फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है, जो ब्लड शुगर को रेगुलेट करने के लिए जाने जाते हैं. द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन पर प्रकाशित एक स्टडी में देखा गया कि जिन लोगों ने एक बार के आहार में करीब 200 ग्राम चने का सेवन किया, उन लोगों में चने का सेवन ना करने वालों के मुकाबले ब्लड शुगर का स्तर कम था.

 

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