सुकून का मॉनसून आया:उत्तर हरियाणा में छा गया, 48 घंटे में ही पूरे प्रदेश को कवर करेगा

 

राेहतक| रोहतक जिले में रविवार सुबह अच्छी बारिश हुई। पालिका बाजार में 2 से 3 फीट पानी भर गया। इससे कई गाड़ियां बंद हो गईं। उन्हें धक्का मारकर बाहर निकालना पड़ा। फाेटाे | सुमित कुमार - Dainik Bhaskar

राेहतक| रोहतक जिले में रविवार सुबह अच्छी बारिश हुई। पालिका बाजार में 2 से 3 फीट पानी भर गया। इससे कई गाड़ियां बंद हो गईं। उन्हें धक्का मारकर बाहर निकालना पड़ा। फाेटाे | सुमित कुमार

  • हरियाणा में 20 साल में दूसरी बार 14 दिन एडवांस, 13 साल बाद 13 जून को दस्तक

मॉनसून रविवार को हरियाणा में एंट्री कर गया। यह तय समय से 14 दिन एडवांस है। यमुनानगर, अम्बाला, पंचकूला समेत उत्तर हरियाणा के कई जिलों में बारिश हुई। अगले 48 घंटे में मॉनसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। 20 साल में ऐसा दूसरी बार है, जब माॅनसून ने 13 जून को दस्तक दी।

2008 में भी यह इसी तारीख को आया था। तब राज्य में सामान्य से 14% अधिक बारिश हुई थी। हालांकि, पिछले 20 साल में सबसे ज्यादा बारिश 2010 में हुई थी। प्रदेश में मॉनसून सीजन में 460 मिमी. बारिश सामान्य मानी जाती है।

सालभर की 80% से ज्यादा बारिश मॉनसून में होती है। लेकिन 10 साल से मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने इस बार सामान्य बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे संकेत भी हैं, क्योंकि मई में सामान्य से 138% ज्यादा बारिश हुई है।

जून में अब तक सामान्य से 134% बारिश हुई है। वहीं, मॉनसून की दस्तक के साथ ही 10.4 मिमी. बारिश हुई। यह 13 जून की सामान्य बारिश 1.3 मिमी. के मुकाबले 702% ज्यादा है। 15 जून से धान रोपाई शुरू होनी है। इससे 2 दिन पहले ही राहत बरसने लगी है।

रफ्तार ऐसी- केरल से 10 दिन में हरियाणा पहुंच गया

रूट: उत्तराखंड से होते हुए यमुनानगर के रास्ते एंट्री

माॅनसून ने इस बार उत्तरी यूपी, उत्तराखंड से होते हुए हरियाणा में दस्तक दी है। पिछले साल भी मॉनसून ने प्रदेश में इसी रास्ते से दस्तक दी थी।

पहले क्यों: फ्लो पैटर्न जल्दी स्टेबलिस हो गया

इस बार माॅनसून का फ्लो पैटर्न जल्दी स्टेबलिस हो गया है। केरल में यह 3 जून को आया था। हरियाणा तक पहुंचने में महज 10 दिन लगे हैं।

उम्मीद: स्पैल लंबा होने से अच्छी बरसात के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जल्दी आने के कारण माॅनसून का स्पैल लंबा चलेगा। हरियाणा समेत देश के उत्तरी हिस्से में 101% बारिश का अनुमान है।

फायदा: खरीफ फसलों की बिजाई तेज होगी

प्रदेश में 30.96 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य है। इसमें 12 लाख हेक्टेयर में धान रोपाई होनी है। मॉनसून जल्दी आने से धान रोपाई के साथ अन्य फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। हालांकि, सब्जियों की खेती, नरमा को ज्यादा बारिश से नुकसान होगा।

हिमाचल-पंजाब में भी रविवार को ही माॅनसून ने दस्तक दी। पंजाब में 24 साल में दूसरी बार 13 जून को मॉनसून आया है।

आगे क्या

48 घंटे में माॅनसून पूरे प्रदेश को कवर करेगा। 16 जून तक बारिश के आसार हैं। कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
-डॉ. शिवेंद्र, मौसम वैज्ञानिक, भारतीय मौसम विभाग, चंडीगढ़

खुशखबरी इसलिए

क्योंकि अच्छे माॅनसून पर बहुत कुछ निर्भर है

खेती: प्रदेश में 43.50 लाख परिवार सीधे खेती से जुड़े हैं। राज्य के विकास में खेती का योगदान करीब 18% है। 3 लाख डीजल इंजन से चलने वाले टयूबवेल हैं। अच्छी बारिश से फसल में लागत कम आएगी। पैदावार बढ़ेगी।

अर्थव्यवस्था: ग्रामीण इलाकों में आमदनी बढ़ने से मांग बढ़ेगी। कंज्यूमर गुड्स बाजार में बूम आएगा। कारखानों में उत्पादन बढ़ेगा। रोजगार मिलेंगे। बंपर पैदावार से निर्यात बढ़ेगा। विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होगा।

महंगाई: पैदावार अच्छी होने से महंगाई दर में कमी आएगी। इससे रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इससे लोगों को सस्ते लोन मिलेंगे। खाने-पीने की चीजों के दाम कुछ कम हो सकते हैं।

भविष्य: प्रदेश के 141 में से 85 ब्लॉक रेड कैटेगरी में हैं। भू-जलस्तर औसतन 21.16 मीटर नीचे जा चुका है। अच्छी बारिश से भू-जलस्तर सुधरेगा। रबी फसलों में भी लाभ होगी।

 

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