सारण में तेजप्रताप के ससुर चंद्रिका राय को माला पहनाने की होड़ मची थी, मंच पर ज्यादा लोग चढ़ गए तो भरभराकर टूट गया

लोग चंद्रिका राय को माला पहना रहे थे, तभी मंच टूट गया।

लोग चंद्रिका राय को माला पहना रहे थे, तभी मंच टूट गया।

राजद प्रमुख लालू यादव के समधी और तेजप्रताप यादव के ससुर चंद्रिका राय इस बार जदयू के टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। जदयू ने चंद्रिका को उनकी परंपरागत सीट परसा से उम्मीदवार बनाया है। चंद्रिका गुरुवार को सारण जिले के सोनपुर में एक सभा कर रहे थे। उन्हें माला पहनाने के लिए मंच पर इतने अधिक लोग जुट गए कि मंच ही टूट गया।

सभा के दौरान मंच पर चंद्रिका राय के साथ भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी, स्थानीय विधायक और एनडीए के कई नेता मौजूद थे। राजीव प्रताप रूडी के भाषण देने के बाद चंद्रिका राय को बोलना था। वह भाषण देते इससे पहले ही उन्हें माला पहनाने के लिए सभा में आए लोगों के बीच होड़ लग गई।

 

छोटे से मंच पर कई लोग चढ़ गए। लकड़ी के तख्तों को जोड़कर बनाया गया मंच इतने अधिक लोगों का वजन नहीं उठा पाया और अचानक गिर गया। इसके साथ ही मंच पर मौजूद नेता और उनके समर्थक जमीन पर आ गिरे। कईयों को चोट लगी। मंच गिरते ही कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में चोटिल हुए लोगों की मरहम पट्टी की गई। हालांकि, किसी नेता को गंभीर चोट नहीं आई।

परसा सीट पर चंद्रिका राय के परिवार की है पकड़
सारण जिले के परसा विधानसभा इलाके में चंद्रिका राय के परिवार की पकड़ रही है। 1951 में यह विधानसभा क्षेत्र बना था, तब चंद्रिका के पिता दरोगा प्रसाद राय ने चुनाव जीता और परसा के पहले विधायक बने थे। दरोगा प्रसाद राय यहां से 7 बार चुनाव जीते थे। बाद में इस सीट पर चंद्रिका राय चुनाव लड़ने लगे।

पहली बार 1985 में विधायक बने थे चंद्रिका
चंद्रिका राय का राजनीतिक करियर 1985 में शुरू हुआ। पिता की तरह चंद्रिका 1985 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने। 1990 में वे लालू प्रसाद की पार्टी में शामिल हो गए। 2005 और 2010 के चुनाव में चंद्रिका को जदयू के छोटेलाल राय ने हरा दिया, लेकिन 2015 में चंद्रिका फिर से जीत गए।

 

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