सात महीने से सवारियों के इंतजार में खड़ी वॉल्वो, दिल्ली जाने के लिए तीन बार बदलनी पड़ रहीं बसें

 

बस स्टैंड के अंदर खड़ी वॉल्वों बसें। -भास्कर

  • मार्च से प्रभावित बसों की सर्विस अभी तक सामान्य नहीं हाे पाई
  • हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली ने पंजाब रोडवेज को अभी तक नहीं दी परमिशन

कोरोना वायरस के चलते मार्च से प्रभावित बसों की सर्विस अभी तक सामान्य नहीं हाे पाई। पंजाब रोडवेज की लग्जरी बसें वॉल्वो 7 महीने से सवारियों के इंतजार में बस स्टैंड के अंदर ही खड़ी है। इन बसों में ज्यादातर एनआरआई सफर करते है। इंटर-स्टेट रूट बंद होने के कारण भी रोडवेज को भारी नुकसान हो रहा है।

पंजाब रोडवेज को हरियाणा, हिमाचल और दिल्ली की तरफ से परमिशन नहीं दी जा रही। पंजाब में न इन राज्यों की बसें प्रवेश कर रही हैं और न पंजाब रोडवेज की बसें इन राज्यों में प्रवेश कर पा रही हैं। हालत ये है कि अभी दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को 3 बसें बदलनी पड़ रही है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन के बाद राजस्थान ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा इंटर स्टेट बसों को आने की परमिशन दे दी थी।

कोरोना से पहले दिल्ली के लिए चलती थीं 10 वॉल्वो बसें

पंजाब रोडवेज की तरफ से अपनी लग्जरी बसें जो अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना से नई दिल्ली भेजी जाती हैं, वह भी कोरोना वायरस के चलते 7 महीने से अपने डिपो में खड़ी हैं। बसों में कुछ तकनीकी खराबी न हो, इसके लिए उन्हें रोडवेज के अंदर ही चलाया जा रहा है। लेकिन इंटर स्टेट बस सर्विस पूरी तरह से बंद होने के चलते इसका सबसे ज्यादा नुकसान रोडवेज को हो रहा है।

जालंधर से करीब 10 वॉल्वो बसों से रोजाना सवारियां नई दिल्ली आईएसबीटी तक का सफर तय करती थीं। इसमें सबसे ज्यादा विदेश जाने वाले एनआरआई होते हैं क्योंकि दिल्ली जाने वाली अन्य बसों के मुकाबले रोडवेज की वॉल्वो का सफर काफी सस्ता है।

इंटर स्टेट बस सर्विस बंद, कम मिल रहीं सवारियां

पंजाब रोडवेज डिपो -1 के जनरल मैनेजर नवराज बातिश ने बताया कि इंटरस्टेट बस सर्विस बंद होने से सवारियां कम मिल रही हैं। पिछले कुछ दिन से कई रूटों पर पंजाब रोडवेज की बसों की संख्या बढ़ी है। जिस रूट पर सवारियों की संख्या ज्यादा हो, उस रूट पर डिमांड के मुताबिक बसों की संख्या बढ़ाई जाती है। पहले के मुकाबले अब यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। हालात सामान्य हाेने पर रोडवेज पहले की तरह सर्विस देगी।

कई दिनों से रेलवे ट्रैक पूरी तरह से बंद पड़ा

कृषि बिल को लेकर पिछले कई दिन से पंजाबभर में किसान जत्थेबंदियों सहित सभी राजनीतिक पार्टियों की तरफ से केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जा रहा है। इसमें किसानों की तरफ से रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से बंद कर दिया है। हरियाणा और दिल्ली जाने वाली सवारियां इस समय सबसे ज्यादा बसों से सफर कर रही हैं।

राजपुरा और शंभू बाॅर्डर तक बसों में सफर कर आगे हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर कर अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। ऐसे ही कई सवारियां जो राजस्थान तक का सफर तय करती हैं, वह पंजाब रोडवेज डिपो-2 की गंगानगर जाने वाली बसों के साथ अन्य बसों को बदल कर अपने राज्य में पहुंच रही हैं।

 

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