सरकार का हवाई व्यय:छत्तीसगढ़ में सरकार ने 26 महीनों में किराये के हेलिकॉप्टर-जहाज पर खर्च किये 33.87 करोड़, सरकारी बेड़े के मेंटिनेंस पर भी 16.58 करोड़ खर्च

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सामान्य दौरों के लिए अधिकतर राज्य सरकार के बेड़े में मौजूद अगुस्ता A-190 हेलिकॉप्टर का ही इस्तेमाल करते रहे हैं। सरकार किराये पर भी हेलिकॉप्टर लेती है। ऐसा कई बार हुआ है। - Dainik Bhaskar

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सामान्य दौरों के लिए अधिकतर राज्य सरकार के बेड़े में मौजूद अगुस्ता A-190 हेलिकॉप्टर का ही इस्तेमाल करते रहे हैं। सरकार किराये पर भी हेलिकॉप्टर लेती है। ऐसा कई बार हुआ है।

  • विधानसभा के सवालों से सामने आई हवाई खर्च की जानकारी
  • सरकार ने 43 बार हेलिकाप्टर और 31 बार विमान किराये पर लिया

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने अपने 26 महीनों के कार्यकाल में हवा में उड़ान के लिए 50 करोड़ 46 लाख 49 हजार 406 रुपये खर्च किये हैं। इनमें 33 करोड़ 87 लाख 74 हजार 745 रुपये तो किराये के विमान और हेलिकॉप्टर पर खर्च हुआ है। वह भी तब जब सरकारी बेड़े में एक विमान और एक हेलिकॉप्टर मौजूद हैं। इस बेड़े के मेंटिनेंस पर पर भी सरकार 16 करोड़ 58 लाख 74 हजार 661 रुपए खर्च कर चुकी है।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के सवाल के लिखित उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से दिये जवाब में बताया गया है, छत्तीसगढ़ सरकार के पास एक विमान B-200 और एक हेलिकॉप्टर अगुस्ता A-109 है। दिसम्बर 2018 से जनवरी 2021 तक हेलिकॉप्टर के मेंटिनेंस पर 14 करोड़ 65 लाख 15 हजार 41 रुपये खर्च हुए हैं।

वहीं विमान के मेंटिनेंस का खर्च एक करोड़ 93 लाख 59 हजार 620 रुपया आया है। मुख्यमंत्री की ओर से बताया गया, इसी दौरान राज्य सरकार 43 बार हेलिकॉप्टर और 31 बार विमान किराये पर लिया था। इनपर 33 करोड़ 87 लाख 74 हजार 745 रुपये का खर्च आया है। भुगतान की यह राशि नियमित विमान सेवाओं के उपयोग पर आये सरकारी खर्च के अतिरिक्त है।

क्यों पड़ी किराये पर हवाई सेवा की जरूरत

बताया गया, किराये पर हेलिकॉप्टर और विमान लेने की जरूरत सरकारी हेलिकॉप्टर और विमान के मेंटिनेंस की वजह से उपलब्ध नहीं होने, पायलट उपलब्ध नहीं होने और आकस्मिक कार्यों के लिए अतिरिक्त हेलिकॉप्टर और विमान की आवश्यकता होने पर पड़ी थी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा था कि सरकार के पास कितने हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर हैं और एक दिसम्बर 2018 से 31 जनवरी 2021 तक सरकार ने किराये पर कितनी बार दूसरे कंपनियों की सेवा ली। मेटिनेंस और किराये पर हुये खर्च की जानकारी भी मांगी गई।

इन कंपनियों से किराये पर लिया हेलिकॉप्टर और विमान

सरकार ने पिछले दो वर्षों में ढिल्लन एविएशन गुड़गाव, एयरकिंग चार्टर्स नई दिल्ली, ओएसएस एयर मैनेजमेंट नई दिल्ली, विंग्स एविएशन हैदराबाद, ब्लैकवर्ड एविएशन रायपुर और सीजी एविएटर रायपुर से हेलिकॉप्टर किराये पर लिया था। इनके लिए 24 करोड़ 99 लाख 34 हजार 171 रुपये किराया अदा किया गया। राज्य सरकार ने इस बीच नई दिल्ली की एयरकिंग चार्टर्स से 31 बार विमान किराये पर लिया। इसके लिए आठ करोड़ 88 लाख 40 हजार 574 रुपए का भुगतान हुआ है।

 

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