सप्लाई चेन सुरक्षित बनाने की कवायद:कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता घटाने में जुटीं फार्मा कंपनियां, ढूंढ रही हैं लोकल सप्लायर या कर रही हैं निर्माता बनने की कोशिश

  • इंडियन फार्मा इंडस्ट्री ने 2019 में जरूरत का आधा API चीन से मंगाया था, तीन दशक पहले जीरो था इंपोर्ट
  • साइज और स्पीड में चीन की बराबरी के लिए इंफ्रा को बेहतर बनाना होगा, अप्रूवल प्रोसेस में तेजी लानी होगी

भारतीय दवा कंपनियां एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स (API) के लिए लोकल सप्लायर ढूंढ रही हैं या अपने यहां ही बनाने की कोशिश कर रही हैं। ये कंपनियां पिछले साल जून में चीन की सीमा पर तनाव बनने के बाद से पड़ोसी मुल्क पर निर्भरता खत्म करने की कवायद में जुटी हैं।

यूं तो भारत जेनरिक दवाओं और टीकों की विशाल उत्पादन क्षमता के चलते दुनिया की फार्मेसी कहलाता है, लेकिन इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक 2019 में उसने जरूरत का आधा API चीन से मंगाया था। तीन दशक पहले चीन से API का आयात एकदम नहीं होता था।

कोविड-19 के चलते चीन से API की सप्लाई रुकने पर मची थी आपाधापी

कैडिला हेल्थकेयर, सिप्ला, सन फार्मा और बायोकॉन के टॉप एग्जिक्यूटिव ने मंगलवार को कहा कि कच्चे माल के लिए चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि यह कदम कोविड-19 के चलते चीन से API की सप्लाई रुकने की वजह से उठाया जा रहा है। पिछले साल दुनियाभर में बिकने वाली अहम दवाएं तैयार करने के लिए इंडियन फार्मा कंपनियों के बीच कच्चा माल खरीदने की होड़ लग गई थी।

पूरी वैल्यू चेन को सिक्योर करना चाहती हैं भारतीय फार्मा कंपनियां

तेलंगाना की तरफ से आयोजित बायोएशिया कॉन्फ्रेंस में कैडिला के सप्लाई हेड गौरव सूचक ने कहा, ‘चीन विरोधी सेंटीमेंट के चलते ज्यादातर कंपनियां कच्चे माल के लिए इस पड़ोसी पर निर्भरता सीमित करने में जुटी हुई हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जहां तक अहम API मॉलेक्यूल की बात है तो हम इस मोर्चे पर बैकवार्ड इंटीग्रेशन चाहते हैं, यानी उनको खुद बनाना चाहते हैं। इससे हम हमारे कारोबार पर बड़ा असर डालने वाले इस फैक्टर को काबू में रख सकेंगे और पूरी वैल्यू चेन को सिक्योर कर सकेंगे।’

ढूंढ रही हैं बेहतर रेट पर नियमित सप्लाई के लिए भरोसेमंद लोकल वेंडर

सूचक ने कहा कि कंपनियां ऐसे भरोसेमंद लोकल वेंडर ढूंढ रही हैं जो उनको चीन के मुकाबले बेहतर रेट पर नियमित रूप से माल सप्लाई कर सकें। सिप्ला के सप्लाई चेन हेड स्वप्न मालपानी ने कहा कि उनकी कंपनी ने लोकल सप्लायर के साथ काम करने के साथ प्रॉडक्शन सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन कार्यक्रम के जरिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ‘API रीइमैजिनेशन’ प्रोग्राम शुरू किया है।

चीन की बराबरी करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना होगा

बायोकॉन के सप्लाई हेड प्रसाद देशपांडे ने कहा कि कंपनी ने चीन से सोर्सिंग घटाने का टारगेट तय किया है। देशपांडे के मुताबिक, ‘चीन से होने वाली सोर्सिंग को घटाकर हम पिछली तिमाही तक 50% पर ले आए थे। इसका मतलब यह नहीं कि हमने चीन से माल लेना बंद कर दिया, बस चीन पर हमारी निर्भरता घट गई।’ उन्होंने यह भी कहा कि साइज और स्पीड में चीन की बराबरी के लिए देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना होगा और अप्रूवल प्रोसेस में तेजी लानी होगी।

 

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