शिखर सम्मेलन संपन्न:जी-7 से बौखलाया चीन बोला- अब ‘छोटे देश’ दुनिया पर राज नहीं करते, लंदन स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर दी धमकी

 

हम साथ-साथ हैं- ब्रिटेन में रॉयल एयरफोर्स की एक्रोबैटिक टीम की कलाबाजी देखते जी-7 देशों के नेता। - Dainik Bhaskar

हम साथ-साथ हैं- ब्रिटेन में रॉयल एयरफोर्स की एक्रोबैटिक टीम की कलाबाजी देखते जी-7 देशों के नेता।

इंग्लैंड के काॅर्नवाल में हुए तीन दिवसीय जी-7 सम्मेलन से चीन बौखला उठा है। चीन इस सम्मेलन को अपने खिलाफ गुटबाजी के तौर पर देख रहा है। इसलिए उनसे रविवार को जी-7 देशों को धमकी देते हुए कहा कि वो दौर काफी पहले खत्म हो चुका है, जब मुट्‌ठी भर देश दुनिया की तकदीर का फैसला करते थे। लंदन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा- ‘वो समय काफी पहले बीच चुका है, जब देशों के छोटे समूह वैश्विक फैसले लिया करते थे।

हम हमेशा से यह मानते हैं कि देश बड़ा हो या छोटा, मजबूत हो या कमजोर, गरीब हो या अमीर सभी बराबर हैं। वे दुनिया से जुड़े मुद्दों पर सभी देशों के सलाह-मशविरे के बाद ही फैसला लिया जाना चाहिए।’ दरअसल, सम्मेलन के दूसरे दिन जी-7 देशों (अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, फ्रांस और जापान) ने चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वन बेल्ट, वन रोड’ (ओबीओआर) के खिलाफ प्रोजेक्ट लॉन्च कर ड्रैगन के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।

दूसरी ओर, जी-7 सम्मेलन दुनिया भर में टीकाकरण करने, जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए बड़ी राशि और तकनीक देने के प्रभावशाली वादों के साथ रविवार को संपन्न हो गया।

दुनिया की 4 करोड़ लड़कियों को पढ़ाने का लक्ष्य; 4,442 करोड़ रु. ब्रिटेन देगा
ब्रिटेन के प्रधानमंंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि जी-7 देशों ने दुनिया की 4 करोड़ लड़कियों को स्कूल पहुंचाने और उन्हें शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जी-7 के नेता ग्लोबल पार्टनरशिप करेंगे और फंडिंग जुटाएंगे। इसके लिए ब्रिटेन 430 मिलियन पाउंड (करीब 4,442 करोड़ रु.) दान करेगा। उन्होंने कहा कि यह अंतराष्ट्रीय अपमान है कि आज भी कुछ बच्चे शिक्षा से दूर हैं।

मैक्रों बोले- उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन का हिस्सा नहीं; इस पर भड़क गए जॉनसन
बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कथित रूप से कहा कि उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन का हिस्सा नहीं है। इसे लेकर बोरिस जॉनसन भड़क गए और कहा- यह हमारा आंतरिक मामला है। वहीं, विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा-‘उत्तरी आयरलैंड पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की टिप्पणी ‘अपमानजनक’ है। ईयू सालों तक उत्तरी आयरलैंड को ‘एक अलग देश के रूप में’ देखता रहा है।’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले बाइडेन- चीनी लैब का एक्सेस मिले
तीन दिन चले शिखर सम्मेलन में चीन छाया रहा। चीन के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत सभी नेताओं का कड़ा रुख देखने को मिला। सम्मेलन खत्म होने के बाद बाइडेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- ‘चीन वुहान लैब का एक्सेस दे, ताकि हम बेहतर तरीके से जांच कर सकें। तभी वायरस की उत्पत्ति का पता चल सकता है।’ बाइडेन ने रूस से बिगड़े संबंधों पर भी अपनी बात रखी।

 

खबरें और भी हैं…

Check Also

चीन में फैला डेल्टा वैरिएंट का खौफ, लॉकडाउन के कारण लाखों लोग हुए ‘घरों में कैद’

बीजिंग. चीन पर एक बार फिर कोरोना (COVID-19) का खतरा मंडराने लगा है. देश में डेल्टा …