शास्त्रों के अनुसार जाने तुलसी की माला पहनने का तरीका और नियम

हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र माना जाता है। महिलाएं परिवार में सुख-समृद्धि लाने के लिए तुलसी की पूजा करती हैं। इसी तरह तुलसी की माला भी धारण करना अच्छा माना जाता है। भगवान विष्णु और कृष्ण के भक्त तुलसी की माला को धारण करते हैं। कहा जाता है कि तुलसी की माला पहनने से मन और आत्मा पवित्र होती है।  यह भी कहा जाता है कि इसके कई औषधिए गुण भी हैं। उसी तरह तुलसी की माला को भी धारण करना अच्छा माना जाता है। लेकिन इसे धारण करने के लिए कुछ नियम हैं।

1. शास्त्रों में तुलसी को बहुत पवित्र माना गया है। जिस घर में तुलसी होती है उस घर से बीमारियां कोसों दूर रहती हैं, इसे आयुर्वेदिक औषधि बनाने के काम में भी लिया जाता है। इसमें एक विशेष प्रकार की विधुत शक्ति होती है, जो पहनने वालों में आकर्षण उत्त्पन्न करती है।

2. शालिग्राम पुराण के अनुसार अगर तुलसी की माला भोजन ग्रहण करते समय व्यक्ति के शरीर पर हो तो इससे व्यक्ति को कई यज्ञ करने का पुण्य प्राप्त होता है, इसी कारण बुजुर्ग इसे अपने गले में पहनते हैं।

3. इसे पहनने से यश, कीर्ति और समृद्धि में वृद्धि होती है। इसमें औषधिय गुण होने के कारण पहनने वाले को सिरदर्द, जुखाम, बुखार, त्वचा संबंधी रोग नहीं होते हैं।

4. इसे पहनने से पहले गंगाजल डालकर फिर से शुद्ध कर लेना चाहिए और धूप दिखानी चाहिए। इस धारण करने से पहले भगवान श्रीहरि की स्तुति करनी चाहिए।

5. तुलसी की माला को धारण करने वाले को लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए।  जो भी व्यक्ति तुलसी की माला को धारण करता है उसे मांस व मदिरा से भी दूर रहना चाहिए।

Check Also

इन 5 गन्दी आदतों के कारण घर में नहीं होता है देवी लक्ष्मी का आगमन

कई बार हम मेहनत भी पूरी करते हैं लेकिन घर में माँ लक्ष्मी का निवास …