शहर में जगह-जगह जलाया जा रहा कूड़ा, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा पॉल्यूशन

 

गुड़गांव. सेक्टर-71 क्षेत्र में जलाया जा रहा कूड़ा प्रदूषण को दे रहा बढ़ावा।

  • डीएलएफ क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स 223 दर्ज, 15 अक्टूबर से लागू होगा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान

रविवार सुबह हवा की रफ्तार कम रहने के साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स न्यू गुड़गांव में 223 रहा। पॉल्यूशन की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध के दावे भी धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। हालात ये है कि हवा की रफ्तार धीमी रहने से पॉल्यूशन बढ़ रहा है, वहीं शहर में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। इस संबंध में शहरवासी शिकायतें भी कर रहे हैं। लेकिन शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जिससे कूड़ा सामान्य रूप से जलाया जा रहा है। सबसे बुरा हाल ग्वाल पहाड़ी व डीएलएफ क्षेत्र में रहा, जहां इंडेक्स 223 दर्ज किया गया।

इसके अलावा पुराने गुड़गांव विकास सदन में भी इंडेक्स मॉड्रेट दर्ज किया गया। रोजाना जलाए जा रहे कूड़े को लेकर सिटीजन फॉर क्लीन एयर ग्रुप सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जता रहा है और पुलिस व नगर निगम को भी इसके सदस्यों ने शिकायत की हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। वहीं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप ने बताया कि आगामी 15 अक्टूबर से ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू हो जाएगा, इसके बाद सभी विभागीय अधिकारी कार्रवाई शुरू कर देंगे।

गुड़गांव शहर में सुबह के समय हवा की रफ्तार धीमी रहने से एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब स्थिति पहुंच जाता है। जिसका एक कारण शहर में जगह-जगह जलाया जा रहा कूड़ा भी है। इसके अलावा मौसम शुष्क होने से उड़ रहे धूल-मिट्‌टी के कण, वाहनों से उड़ने वाले धुएं और औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं भी पॉल्यूशन बढ़ा रहा है। वहीं जिला प्रशासन की ओर से पॉल्यूशन को कम करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंप दी गई, लेकिन अभी तक पॉल्यूशन पर काबू पाने के लिए कोई भी तैयारी नहीं की गई है। यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले 15 दिन में ही पॉल्यूशन का स्तर और भी खतरनाक हो जाएगा।

तीन दिन बाद लागू हो जाएगा ग्रेप

15 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान एनसीआर क्षेत्र में लागू हो जाएगा। इस बारे में ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने दो दिन पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रेप लागू होने के साथ ही सभी विभागों के अधिकारी दी गई गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई शुरू कर देंगे। इस बार दीवारी तक सभी तरह की तैयारियां कर ली जाएंगी।

ग्रेप लागू होने के बाद जनरेटर, रेड व ओरेंज कैटेगिरी की कंपनियों व हॉट स्पॉट पर रहेगी नजर

15 अक्टूबर से ग्रेप लागू होने के साथ ही दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में ईपीसीए की गाइडलाइन के अनुसार जनरेटर पर पाबंदी लगाई जाएगी। इसके अलावा बिजली की सप्लाई को भी बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा हाइवे व मेट्रो के निर्माण कार्यों के लिए स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को पॉल्यूशन नहीं फैलाने के लिए सुनिश्चित कराना होगा। इसके अलावा रेड व ओरेंज कैटेगिरी की कंपनियों को भी गाइडलाइन के अनुसार ही प्रोडेक्शन करने की अनुमति दी जाएगी।

 

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