विश्व योग दिवस:कोरोना के खिलाफ योगाभ्यास को बनाएं रक्षा कवच; शिक्षिका ने कहा- हमारी वर्चुअल ट्रेनिंग में जुड़ते हैं मुस्लिम देशों के लोग, मंत्र की जगह पढ़ते कलमा

 

योग करती राफिया नाज - Dainik Bhaskar

योग करती राफिया नाज

  • योगगुरु मुक्तरथ ने कहा- योग करने वाले को कोई रोग नहीं होता
  • काफी लोगों ने योगाभ्यास कर संक्रमित से मुक्ति पाई

विश्व योग दिवस सोमवार को है। कोविड के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे। वर्चुअल माध्यम से लोगों को योग की ट्रेनिंग दी जाएगी। योगगुरु स्वामी मुक्तरथ ने बताया कि यह शिक्षा धार्मिक पद्धति नहीं, बल्कि विज्ञान है। योगाभ्यास से शरीर, मन, दिल, मस्तिष्क और संस्कृति मजबूत होती है। कठोपनिषद में कहा गया है कि योग करने वाले साधक को न कोई रोग होता है और न ही असामयिक मृत्यु होती है। नियमित योग कर स्वस्थ रह सकते हैं।

काफी लोगों ने योगाभ्यास कर संक्रमित से मुक्ति पाई है। योग शिक्षिका राफिया नाज ने कहा कि कोरोना में कई ऐसे आसन हैं, जो इम्युनिटी पावर को बढ़ाता है। योग के कारण ही रिकवरी करने में काफी आसानी हुई। आयुष चिकित्सक डॉ. पीएन पांडेय ने बताया कि अनुलोम-विलोम व भ्रामरी प्राणायम और सूर्य नमस्कार ऐसे योग के ऐसे आसन हैं, जिनसे इम्युनिटी बढ़ती है। पूरे शरीर का व्यायाम होता है।

ये आसन कोरोना से बचाव के साथ पोस्ट कोविड में कारगर

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योग शिक्षिका राफिया नाज ने कहा- संक्रमित हुईं, योग के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी

कोरोना से रांची की योग शिक्षिका राफिया नाज भी संक्रमित हुईं। मगर, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी। राफिया कहती हैं कि कोरोना में कई ऐसे आसन हैं, जो इम्युनिटी पावर को ठीक रखने के साथ मेंटल बैलेंस बनाने का भी काम करता है। योग के कारण ही रिकवरी करने में काफी आसानी हुई। उन्होंने बताया कि अपनी संस्था योगा बियोंड रिलिजन के माध्यम से लोगों को योग से जोड़ने का लगातार प्रयास कर रही हूं। इसके कारण विभिन्न मुस्लिम देशों से भी लोग योग से जुड़ रहे हैं।

योगा बियोंड रिलिजन का आज वर्चुअल सेमिनार

राफिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सोमवार को योगा बियोंड रिलिजन संस्था द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में पाकिस्तान, सऊदी अरब, दुबई सहित रूस, फ्रांस, सिंगापुर व नेपाल से भी लोग एक घंटे के वर्चुअल योग सेशन में जुड़ेंगे। राफिया ने कहा कि मुस्लिम योगा के दौरान मंत्र उच्चरण की बजाय कलमा पढ़ते हैं। लोगों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। योगा इंडिया का कल्चर है। मगर, यह किसी धर्म का नहीं है।

स्वामी मुक्तरथ का परिवार योग से संक्रमण से मुक्त

योगगुरु स्वामी मुक्तरथ ने बताया कि मेरे परिवार के छह सदस्य एक सुरक्षा गार्ड के संपर्क में आने पर संक्रमित हो गए थे, जिसमें मैं भी शामिल था। सभी नियमित योग करते थे, इसलिए घर पर ही रहकर बिना भय व घबराहट के तीन दिन में ही स्वस्थ हो गए। किसी प्रकार की दवा की जरूरत नहीं पड़ी, सिर्फ विटामिंस लेते रहे। बताया कि परिवार की एक सदस्य गौरी प्रिया संक्रमित हुई थीं। वह जलनेति और प्राणायाम योग का नियमित अभ्यास करतीं थी। इसलिए, बिना दवा के ही चार दिनों में स्वस्थ हो गईं। कोरोनाकाल में योग कारगर साबित हुआ है। अंश कुमार, अमरेंद्र वर्मा, मनीष कुमार, प्रमोद कुमार, दीपा वर्मा व इशांत झा समेत अन्य शिष्य भी योगाभ्यास से स्वस्थ्य हुए।

 

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