जयपुर : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने निर्देश दिये कि विशेष योग्यजनों को चिकित्सालयों में लाकर उनके निःशक्तता प्रमाणीकरण का कार्य शीघ्र करवायें। इसके लिए आवश्यकतानुसार कैम्प लगाए जाएं व विशेष योग्यजनों का लाने-लेजाने हेतु एम्बुलेंस, मेडिकल मोबाईल वेन आदि की व्यवस्था की जाए। जूली सोमवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष मेें विशेष योग्यजन को निःशक्तता प्रमाण-पत्र जारी करने के सम्बंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में जूली ने कहा कि राज्य में ऎसे विशेष योग्यजन जो कि निःशक्तता प्रमाण-पत्र एवं सिलिकोसिस प्रमाण-पत्र से वंचित हैं, उनके प्रमाणीकरण करवाने के सम्बन्ध में विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएमओ, ब्लॉक सीएमएचओ व सीएमएचओ स्तर पर लंबित 2,52,201 प्रकरण व मेडिकल कॉलेज स्तर पर लंबित 47,746 आवेदनकर्ताओं का चिकित्सकीय परीक्षण कर आगामी 2 माह में नियमानुसार निःशक्तता प्रमाण पत्र एवं लंबित सिलिकोसिस प्रमाण पत्र जारी किये जाएं। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ऑन-लाईन पोर्टल पर प्रमाणीकरण के लम्बित आवेदनों की जिलेवार सूचीयां ए.एन.एम. आदि फील्ड स्टाफ को उपलब्ध करवायें।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रमाणीकरण के सम्बन्ध में पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों की समग्रता में संशोधित आदेश जारी कर व्यापक प्रचार-प्रसार करावे, साथ ही साथ किस-किस चिकित्सालय में किस-किस प्रकार की निःशक्तता के प्रमाणीकरण की सुविधा है, यथा जांच हेतु संबंधित उपकरण, विषय विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता है, की सूचना विभागीय बेवसाईट पर अपलोड करावें। इससे दिव्यांगजन को प्रमाणीकरण के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकेगी तथा प्रमाणीकरण का कार्य भी सरलता से हो सकेगा। उन्होेंने कहा कि इस संबंध में सीएमएचओ तथा पीएमओ आदि की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से मॉनीटिंरिंग की जाए तथा हॉस्पिटल में जो तय दिवस है इनका प्रचार – प्रसार किया जाए व आवेदकों को मोबाइल पर मैसेज भेजकर सूचित किया जाए। उन्होंने निदेशालय विशेष योग्यजन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात दिव्यांगजनों को पेंशन, पालनहार, कृत्रिम अंग उपकरण, स्वरोजगार ऋण आदि योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, निदेशालय विशेष योग्यजन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा भाग लिया गया ।