विरासत में नहीं मिला सैफ अली खान को भव्य पटौदी पैलेस, कहा- अपनी कमाई से वापस पाया

कहते हैं कि किसी भी मजबूत रिश्ते की शुरुआत हमेशा विश्वास से होती है। जिस रिश्ते में विश्वास नाम का बीज नहीं होता वो कभी आगे नहीं बढ़ पता। अगर आप अपने रिश्ते में एक-दूसरे की इज्जत नहीं करते हैं तो समझिए की आपका प्यार और रिश्ता पूरी तरह से खोखला है। ये बात कहीं न कहीं बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी (Mansoor Ali Khan Pataudi) और मां शर्मिला टैगोर (Sharmila Tagore) से सीखी है। पेशे से सैफ अली खान के माता-पिता बिल्कुल अलग रहे हैं। जहां उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी एक मशहूर क्रिकेटर थे। वहीं, उनकी मां सिनेमा जगत की एक बेहतरीन अदाकारा रह चुकी हैं। सैफ अली खान कई बार अपने पिता मंसूर अली खान पटौदी और मां शर्मिला टैगोर के रिश्ते पर बात करते हुए नजर आ चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं उनके पिता टाइगर पटौदी उर्फ मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद पटौदी पैलेस नीमराना होटल्स के पास किराए पर चला गया था।

जी हां, सैफ अली खान को अक्सर रॉयल्टी और ‘छोटे नवाब’ के रूप में जाना जाता है। उनके पिता मंसूर अली खान जो पटौदी खानदान के नौवें नवाब थे और  क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान भी थे। हालांकि साल 1971 में उन्होंने सरकार द्वारा राजसी उपाधियों को समाप्त करने के बाद अपना खिताब (पटौदी) भी त्याग दिया था। लेकिन हमेशा से पटौदी पैलेस उनके परिवार के साथ जुड़ा रहा है और अक्सर सैफ अली खान को उनकी पत्नी करीना कपूर खान और बेटे तैमूर अली खान के साथ फुर्सत के पल बिताते हुए इस महल में देखा गया है। लेकिन हाल ही में एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सैफ ने इस बात का खुलासा किया कि पटौदी पैलेस उन्हें विरासत में नहीं मिला था। वास्तव में, उन्हें बॉलीवुड में तमाम फिल्में करने के बाद इसे वापस खरीदना पड़ा था। बता दें पटौदी पैलेस का निर्माण 1935 में 8वें नवाब और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली हुसैन सिद्दीकी ने कराया था।

हाल ही में एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में सैफ अली खान ने इस बात का खुलासा किया था कि अमन नाथ और फ्रांसिस वैकज़ार्ग (Francis Wacziarg) होटल चलाते थे। एक दिन फ्रांसिस ने उनसे पूछा कि क्या वे पैलेस वापस चाहते हैं? अगर ऐसा है तो उन्हें बता दें। जब सैफ ने उसे वापस लेने की इच्छा जाहिर की तो उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात का ऐलान कर दिया कि वे पैलेस लौटाने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें ढेर सारा पैसा देना होगा। अपनी बात को जारी रखते हुए सैफ अली खान आगे बताते हैं कि लगातार कमाई कर मैंने पैलेस को छुड़ाया। यानी कि जो घर मुझे विरासत में मिलना चाहिए था, उसे भी मैंने फिल्मों से हुई कमाई से पाया। आप अतीत से दूर नहीं रह सकते। खासकर अपने परिवार से तो बिल्कुल भी नहीं। मेरी परवरिश इसी तरह हुई, लेकिन मुझे विरासत में कुछ नहीं मिला।

मेरा जन्म और पालन-पोषण बॉम्बे (मुंबई) में हुआ। मेरे माता-पिता एक कारमाइकल रोड स्थित फ्लैट में रहते थे। मैं कैथेड्रल गया, बॉम्बे जिम में वक्त बिताया। एक ऐसी दुनिया थी, जो फिल्मों से ज्यादा मेरे पिता से प्रभावित थी। उन्होंने तब अपना क्रिकेट करियर पूरा ही किया था। उनके अंतिम टेस्ट सीरीज के वक्त मैं 4-5 साल का था। मेरी मां कहती हैं कि वे (पिता) अपनी जिम्मेदारियों से बचते रहे। उनकी मां भोपाल और पटौदी की देखभाल करती थीं। जब वे बूढ़ी हुईं तो हम उनके साथ रहने दिल्ली चले गए, जहां उनका बहुत खूबसूरत और बड़ा घर था, जो भारत सरकार ने जमीन-संपत्ति और अन्य तरह के समझौते के चलते उन्हें जिंदगीभर के लिए दिया था।

इब्राहिम कोठी यानि पटौदी पैलेस की खासियत…

गुड़गांव से 26 किलोमीटर दूर पटौदी में जगमगाता यह सफेद महल पटौदी परिवार की निशानी है। इस परिवार का इतिहास वैसे तो 200 साल से भी ज्यादा पुराना है, लेकिन इस महल को बने अभी करीब 81 साल ही हुए हैं। पटौदी पैलेस का निर्माण 1935 में 8वें नवाब और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली हुसैन सिद्दीकी ने कराया था। पटौदी पैलेस की कीमत करीब 800 करोड़ बताई जाती है। इसे हेरिटेज होटल में तब्दील किया जा चुका है। इस पैलेस में 150 रूम हैं और 100 से ज्यादा नौकर काम करते थे, लेकिन अब वह बात नहीं है। महल को जहां इफ्तिखार अली हुसैन सिद्दीकी ने बनवाया तो वहीं उनके बेटे और 9वें नवाब मंसूर अली उर्फ नवाब पटौदी ने विदेशी आर्किटेक्ट की मदद से इसका रिनोवेशन कराया था। इस पैलेस में कई बड़े ग्राउंड, गैरेज और घोड़ों के अस्तबल हैं। रिनोवेशन के बाद सैफ ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी थी। रिनोवेशन का जिम्मा दर्शिनी शाह को दिया, जिन्होंने मुंबई वाले घर की इंटीरियर डिजाइनिंग की है। इस महल का इंटीरियर भी बेहद आलीशान है। एक बड़े ड्राइंग रूम के अलावा महल में सात बेडरूम, ड्रेसिंग रूम और बिलियर्ड रूम भी है।

सैफ अली खान ने कराया रिनोवेशन…

हाल ही में नवाब अली के बेटे और 10वें नवाब सैफ अली खान ने पटौदी पैलेस का रिनोवेशन कराया था। रिनोवेशन के बाद सैफ ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर कर इसकी जानकारी दी थी। 2014 में सैफ ने नीमराना होटल को खरीदा था और उसका रिनोवेशन शुरू करवाया था। उन्होंने बताया, पापा ने जब इस पैलेस को नीमराना को दिया, तब तक मेरी मां इसकी देखरेख करती थीं। मैंने रिनोवेशन का जिम्मा दर्शिनी शाह को दिया है, जिन्होंने मुंबई में मेरे घर का इंटीरियर किया है। इस जगह से मेरा आध्यात्मिक कनेक्शन जुड़ गया है। सैफ ने यहां अपनी दादी के फायरप्लेस, लाइब्रेरी को नया लुक देने के साथ कमरों की छत को रात में दिखने वाले आसमान का लुक दिलवाया था।

कनॉट प्लेस से है गहरा रिश्ता…

पुश्तैनी महल और दिल्ली के सबसे नामचीन बाजार कनॉट प्लेस के बीच बेहद गहरा रिश्ता है। यह संबंध इसलिए बनता है क्योंकि जिन रोबर्ट टोर रसेल ने कनॉट प्लेस का डिजाइन तैयार किया था, उन्होंने ही पटौदी के महल का भी डिजाइन बनाया था। कहते हैं कि नवाब पटौदी के वालिद साहब इफ्तिखार अली खान पटौदी कनॉट प्लेस के डिजाइन से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने निश्चय किया कि उनके महल का डिजाइन भी रसेल ही तैयार करेंगे। आपको बता दें कि पटौदी पैलेस में कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी की जा चुकी है, जिनमें मंगल पांडे, वीर-जारा, रंग दे बसंती जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं।

पटौदी पैलेस में 150 कमरे हैं। इसमें 7 ड्रेसिंग रूम हैं, 7 बेडरूम हैं, 7 बिलियर्ड्स रूम हैं। यहां ड्रॉइंग रूम और डाइनिंग रूम भी काफी बड़े-बड़े हैं। इस घर को बनवाने के लिए ऑर्डर सैफ के दादाजी इफ्तिखार अली खान ने दिया था। रॉबर्ट टोर रसेल ने इसे डिजाइन किया था और इसकी इंस्पिरेशन उन्होंने अपने समय के कलोनियल मैंशन्स (औपनिवेशक काल के बड़े बंगले) से ली थी।

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