विधान परिषद् से आपके लिए 5 सवालों के जवाब:बेगूसराय में 13 साल से बन रहा अस्पताल अब तक अधूरा क्यों, मंगल पांडेय बोले – 6 माह में बनेगा

 

मंत्री मंगल पांडेय। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

मंत्री मंगल पांडेय। – फाइल फोटो

  • R ब्लॉक-दीघा संपर्क पथ, अस्पतालों में बहाली के मुद्दे पर भी सवाल-जवाब
  • शाहनवाज हुसैन ने पहली बार दिया उद्योग विभाग से जुड़े सवाल का जवाब

बेगूसराय के मंझौल में एक अनुमंडलीय अस्पताल का निर्माण 13 वर्षों से अटका हुआ है। वर्ष 2007 से शुरू हुआ निर्माण अभी तक अधूरा है। स्थिति यह है कि अर्द्धनिर्मित ढांचा जीर्ण-शीर्ण होकर क्षतिग्रस्त हो रहा है। 4 करोड़ 91 लाख 29 हजार की लागत से बनने वाले 75 शैय्या के इस अस्पताल को लेकर आज बिहार विधान परिषद् में भाजपा के पार्षद रजनीश कुमार ने सवाल किया। उन्होंने पूछा, ‘क्या यह सही है कि यह अर्द्धनिर्मित भवन और उसका कैंपस अवैध कार्यों का अड्डा बना हुआ है?’ इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि विभागीय स्तर पर इसकी समीक्षा की गई है। 6 माह के अंदर पूरा किया जाएगा।

आर ब्लॉक-दीघा पर अंडरपास नहीं

बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान आज आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों पर सवाल-जवाब किए गए। विधान पार्षद दिलीप कुमार जायसवाल ने पटना में अटल पथ की संपर्कता का भी मुद्दा उठाया। जायसवाल ने सवाल उठाया कि इंद्रपुरी रोड नंबर-10 के सामने महेश नगर, राजधानी अपार्टमेंट के सामने और पुनाईचक में महिला टंकी के सामने बनाए गए रोड को नवनिर्मित सड़क के उत्तर-पूर्वी फ्लैंक से नहीं जोड़ा गया है। यहां से संपर्क पथ हटा लिया गया है। इसके लिए आंदोलन हुआ, लाठीचार्ज किया गया और कई लोगों पर मुकदमा दायर हुआ। क्या यहां अंडर पास नहीं बन सकता है? जवाब में पथ परिवहन मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि इसकी संभावना तलाशी जा रही है। तीन फ्लाईओवर सड़क पर बनाए गए हैं। अंडरपास बनाने पर वाटर लॉगिंग का संकट हो सकता है।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब विदेशों में समुद्र के नीचे से रेल लाइन गुजर सकती है तो यहां बेहतर तकनीक से अंडर पास क्यों नहीं बनाया जा सकता है। नितिन नवीन ने आश्वासन दिया कि इस पर इंजीनियरों से बात करेंगे।

उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने पहली बार दिया सवाल का जवाब

उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने पहली बार विधान विधान परिषद में किसी सवाल का जवाब दिया। संजीव श्याम सिंह ने पूछा था कि राज्य में नए निवेश को लेकर सरकार कितनी गंभीर है? इसपर हुसैन ने कहा कि 27 में से एक भी प्रस्ताव लंबित नहीं है। मेरे टेबल पर 1 मिनट भी फाइल नहीं रुकती। बिहार में उद्योग के लिए स्वर्ण काल आने वाला है। सरकार की योजना ‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोजेक्ट’ की है। एग्रो बेस्ड और पेट्रोलियम से चलने वाली इंडस्ट्री की अपार संभावनाएं हैं। बायोवेस्ट इंडस्ट्री लगाने से भी यहां रोजगार मिलेगा। पहले ईख से इथेनाल बनाने की बात थी लेकिन अब मक्का और चावल से भी इथेनॉल बनने लगा है। इसलिए अन्य क्षेत्रों में भी इथेनाल की इंडस्ट्री लगाई जा सकती है।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कई क्षेत्रों में इंडस्ट्री के लिए प्रस्ताव है, लेकिन अभी प्रीमेच्योर स्थिति में है। बियाडा की जमीन का उपयोग हम करेंगे। जो लोग बियाडा की जमीन उद्योग के नाम पर लेकर बैठ गए हैं, उन पर कार्रवाई होगी। जहां जमीन नहीं है, वहां भी हम जमीन लेंगे।

डॉक्टर, नर्स, ANM नियुक्ति की कार्रवाई की जा रही

राजद के पार्षद रामबली सिंह ने सवाल किया कि क्या यह सही है कि राज्य में डॉक्टर, नर्स, पारामेडिकल, ANM के स्वीकृत पद रिक्त हैं? इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अभी विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के 3706 और सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 2632 या कुल 6338 पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजी जा चुकी है। राज्य में स्टाफ नर्स ग्रेड ए के रिक्त पदों की संख्या 9130 पर चयन के लिए अधियाचना के विरुद्ध बिहार तकनीकि सेवा आयोग द्वारा अभी तक 5097 नर्स ग्रेड ए की अनुशंसा प्राप्त हुई, जिनका पदस्थापन किया गया। शेष खाली पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जाएगी।

ANM के रिक्त पदों के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुल 6480 अभ्यर्थियों की अनुशंसा प्राप्त हुई थी। नियमित नियुक्ति के लिए 6293 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित किया गया है। जिला से रोस्टर की कार्रवाई की जा रही है। रोस्टर क्लीयर होते ही शेष खाली पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को भेजा जाएगा।

मंगल पांडेय ने बताया कि राज्य में पारामेडिकल के 1539, शल्य कक्ष सहायक के 1096, ईसीजी टेक्नीशियन के 163 और एक्स-रे टेक्नीशियन के 803 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को अधियाचना भेजी गई है। प्रयोगशाला प्रावैधिक के 1772 पदों के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नियुक्ति की कार्रवाई की जा रही है।

डेंटल कॉलेजों में इसी सत्र में नियुक्ति

पार्षद संजीय श्याम सिंह ने पटना डेंटल कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक-प्रोफेसरों की कमी की वजह से छात्रों के पढ़ाई छोड़ने का सवाल उठाया। कहा कि यहां शिक्षकों के 73 पद स्वीकृत हैं लेकिन महज 25 ही कार्य कर रहे हैं। उनमें से कोई नियमित नहीं हैं? इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि वर्ष 2018-19 में नामांकित 40 छात्र में से 15 छात्र और वर्ष 2029-20 में नामांकित 40 छात्र में से 17 छात्र MBBS कोर्स में चयनित होने के उपरांत कॉलेज छोड़कर चले गए। संस्थान में स्वीकृत पद के विरुद्ध 28 चिकित्सक शिक्षक हैं। इसमें एक नियमित हैं और 25 संविदा पर। रिक्त पदों पर संविदागत नियुक्ति के लिए संबंधित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की गई है। इसे इसी सत्र में पूरा कर लिया जाएगा।

 

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