विद्युतीकरण का कार्य करा रही कंपनी के प्लांट पर हमला

छपरा : जिले के मकेर थाना क्षेत्र के भाथा गांव के दियारा क्षेत्र में विद्युतीकरण का कार्य करा रही कंपनी के प्लांट पर नकाबपोश हमलावरों ने गुरुवार तथा बुधवार की मध्यरात्रि करीब 2:00 बजे हमला बोल दिया।
इस दौरान फायरिंग कर भय व दहशत का माहौल उत्पन्न कर दिया। भाथा दियारा में विद्युतीकरण का काम के लिए रखे गए पोकलेन तथा जनरेटर को हमलावरों ने आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा अन्य आधा दर्जन वाहनों में भी आग लगाकर जलाने का प्रयास किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है। यह घटना नक्सली वारदात है या अपराधियों के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है ? स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस मामले में निर्माण कंपनी के कर्मचारी तथा अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
पुलिस भी इस मामले में स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दे रही है। घटना की सूचना पाकर गुरुवार को दिन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा मकेर थाना की पुलिस वहां पहुंची और मामले की जांच की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि करीब सात आठ की संख्या में आए नकाबपोश हमलावरों ने आने के साथ ही सबसे पहले जनरेटर को बंद कर दिया और विरोध करने पर फायरिंग करने लगे, जिससे सभी मजदूर तथा कर्मचारी सहम गए। हमलावरों ने जनरेटर को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद पोकलेन में भी आग लगा दी। कर्मचारियों ने बताया कि जनरेटर तथा पोकलेन को आग के हवाले करने के बाद अपराधियों ने प्लांट पर विभिन्न कार्यों के लिए रखे गए अलग-अलग मशीनों को भी आग लगा दिया, जिसमें कई मशीन क्षतिग्रस्त हुए हैं और आग के कारण उसे नुकसान पहुंचा है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि निर्माण कंपनी के अधिकारियों के द्वारा अब तक कोई लिखित रूप से बयान नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से निर्माण कार्य बाधित हो गया है। बताया जाता है कि वैशाली जिले से होते हुए सारण जिले के विभिन्न के बीच में विद्युत सप्लाई के लिए हाई वोल्टेज के विद्युत तार व टावर लगाने के लिए कार्य चल रहा है। इसके लिए दियारा क्षेत्र में विद्युत तार के लिए टावर बनाया जा रहा है। यह कार्य प्राइवेट कंपनी के द्वारा कराया जा रहा है। ऐसी आशंका है कि मकेर का दियारा वैशाली तथा मुजफ्फरपुर जिले के सीमावर्ती इलाके से सटा हुआ है और यह इलाका पहले से नक्सल प्रभावित रहा है। जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों के द्वारा लेवी की वसूली को लेकर इस घटना को अंजाम दिया गया है, हालांकि इसके अभी तक कोई आधिकारिक रूप से पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

 

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