विदेश में नौकरी-पढ़ाई या ओलंपिक के लिए जाने वालों को राहत

अगर किसी को कोविशील्ड की पहली डोज लग चुकी है और पढ़ने, नौकरी या ओलिंपिक खेलो में हिस्सा लेने विदेश जाना है और दूसरी डोज लगने में वक़्त है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. सरकार ने ऐसे लोगों को 12 से 16 हफ्ते पहले की कोविशील्ड की दूसरी डोज देने का इंतज़ाम कर दिया है. इस बारें में राज्य सरकारों को व्यवस्था करने और Cowin पोर्टल में जरूरी बदलाव में निर्देश दे दिए गए है.

नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फ़ॉर कोविड की सिफारिशों के आधार पर, कोविड -19 टीकाकरण रणनीति के तहत कोविशील्ड वैक्सीन पहली डोज के बाद दूसरी डोज 12-16 हफ्ते के अंतराल पर यानी 84 के बाद दी जाएगी. लेकिन ऐसे व्यक्तियों जिन्हें पढ़ाई, काम या टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए भारत के टीम में भाग लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी है और उनकी दूसरी डोज के समय यात्रा के बाद है तो उन्हें दूसरी डोज पहले दे दी जाए. इस मुद्दे पर एमपावरड ग्रुप 5 में चर्चा की गई थी और इस संदर्भ में सिफारिशें प्राप्त हुई हैं.

जिसके बाद टीकाकरण का पूर्ण कवरेज प्रदान करने और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने की दृष्टि से, ऐसे लोगों के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और ये खास छूट उपलब्ध होगी

– जिन छात्रों को पढ़ने के लिए विदेश यात्रा करनी पड़ती है.

– जिन व्यक्तियों को विदेशों में नौकरी के लिए जाना है.

– टोक्यो में होनेवाले अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले भारतीय टीम के एथलीट, खिलाड़ी और साथ के कर्मचारी

कोविशील्ड की दूसरी खुराक के ऐसे प्रशासन की अनुमति के लिए राज्य सरकारें प्रत्येक जिले में एक अथॉरिटी नामित करेंगी. सक्षम ऑथोरिटी पहली डोज की तारीख से 84 दिनों की अवधि से पहले दूसरी डोज देने की अनुमति देने से पहले की जाँच करेगा क्या पहली डोज के बाद 28 दिन का समय हो गया है.

• यात्रा से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर यात्रा के उद्देश्य की प्रामाणिकता जैसे
– पढ़ाई के लिए अद्मिशम ऑफर या संबद्ध औपचारिक चिट्टी.
– कोई व्यक्ति पहले से ही किसी विदेशी शिक्षण संस्थान में पढ़ कर रहा है और उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए उस संस्थान में वापस जाना है.
– या फिर नौकरी के लिए इंटरव्यू या उसका ऑफर लेटर – टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए नामांकन.

• यह सलाह दी जाती है कि पासपोर्ट के माध्यम से मामलों में टीकाकरण का लाभ उठाया जा सकता है जो वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार आईडी दस्तावेजों में से एक है ताकि पासपोर्ट नंबर सर्टिफिकेट में प्रिंट हो. अगर पहली डोज के समय पासपोर्ट का उपयोग नहीं किया गया था, तो टीकाकरण के लिए उपयोग किए गए फोटो आईडी कार्ड की डिटेल वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में प्रिंट किया जाएगा और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में पासपोर्ट के उल्लेख पर जोर नहीं दिया जाना है. जहां आवश्यक हो, सक्षम ऑथोरिटी लोगों के पासपोर्ट नंबर के साथ वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को जोड़ने वाला एक और प्रमाण पत्र जारी कर सकता है.

• ये सुविधा उन लोगों के लिए उपलब्ध होगी जिन्हें 31 अगस्त तक बताए गए काम के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की आवश्यकता है.

•कोविड टीकाकरण केंद्रों और AEFI प्रबंधन आदि के संबंध में मंत्रालय के दिशानिर्देशों में निर्धारित सभी तकनीकी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा.

कोविशील्ड, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित और DCGI द्वारा मंजूरी मिली है और WHO द्वारा 3 जून 2021 को उपयोग के लिए टीकों में से एक है, जिसकी प्रासंगिक एंट्री WHO EUL के क्रमांक 4 पर उपलब्ध है.

टीके के प्रकार का “कोविशील्ड” के रूप में उल्लेख पर्याप्त है और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में किसी अन्य एंट्री की आवश्यकता नहीं है. CoWIN में भी ऐसे असाधारण मामलों में दूसरी डोज देने की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी.

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