विदेश में जारी ‘शेयर’- GDR का पुराना मामला:अडाणी के शेयर 2016 के एक केस ने धराशायी किए थे, मामले से ग्रुप का दूर-दूर तक लेना-देना नहीं

 

  • किसी निवेशक के अकाउंट फ्रीज होने मतलब कतई नहीं कि भारतीय बाजार में खरीदे गए उसके सभी शेयर फ्रीज हो गए हैं या वह यहां खरीद-फरोख्त नहीं कर सकता
  • NDSL की वेबसाइट पर एकाउंट तब तक फ्रीज नजर आएंगे जब तक कि SEBI अनफ्रीज किए जाने का निर्देश जारी नहीं करता

अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर सोमवार को धराशायी हो गए थे। दरअसल, ऐसी खबर आई थी कि नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (NSDL) ने उनमें भारी भरकम निवेश वाले तीन फॉरेन इनवेटस्टर के अकाउंट फ्रीज कर दिए हैं। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि जिस मामले में विदेशी निवेशकों के अकाउंट फ्रीज हुए थे, वह आज का नहीं, 5 साल पुराना है। लेकिन ग्रुप की कुछ कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को भी गिरावट आई।

अडाणी ग्रुप की कंपनियों और विदेशी निवेशकों ने खबर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि वे विदेशी निवेशक ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाने को आजाद हैं। NSDL की वेबसाइट के मुताबिक जिन विदेशी निवेशकों का एकाउंट फ्रीज है, उनमें एलबुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड शामिल हैं।

सच क्या है?

यह सच है कि NSDL ने तीनों विदेशी निवेशकों के एकाउंट फ्रीज किए थे। लेकिन, उसके चुनिंदा एकाउंट जून 2016 में किसी और मामले में फ्रीज किए गए थे। NSDL के सूत्र के मुताबिक उस केस का अडाणी ग्रुप की कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है।

मंगलवार को अडाणी ग्रुप ने एक बयान जारी कर कहा कि कुछ डीमैट एकाउंट ‘सस्पेंडेड फॉर डेबिट’ कैटेगरी में हैं। यह कदम 16 जून 2016 को जारी SEBI के एक निर्देश पर उठाया गया था।

फ्रीज एकाउंट में सब बंद नहीं

जानकारों के मुताबिक, अगर किसी कंपनी/निवेशक के अकाउंट को सेबी या डिपॉजिटरी ने फ्रीज किया है तो इसका मतलब यह कतई नहीं कि भारतीय बाजार में खरीदे गए उसके सभी शेयर फ्रीज हो गए हैं या वह यहां खरीद-फरोख्त नहीं कर सकता।

इन विदेशी निवेशकों के एकाउंट NDSL की वेबसाइट पर फ्रीज किए गए एकाउंट की सूची में तब तक नजर आते रहेंगे जब तक कि SEBI उन्हें अनफ्रीज किए जाने का निर्देश जारी नहीं करता, लेकिन वे अडाणी के शेयरों में खरीद-फरोख्त करते रह सकते हैं।

GDR इश्यू से जुड़ा मामला

सोमवार को एक मीडिया हाउस ने खबर प्रकाशित की थी कि NSDL ने तीन विदेशी निवेशकों के एकाउंट फ्रीज कर दिए हैं, जिनका अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में कुल 43,500 करोड़ रुपए का निवेश है।

NSDL के सूत्र ने बताया कि 2016 में तीनों विदेशी निवेशकों का एकाउंट GDR इश्यू (भारतीय कंपनियों की तरफ से विदेशी शेयर बाजारों में ट्रेड के लिए जारी किए गए शेयर) से जुड़े एक मामले में फ्रीज किया गया था। 16 जून, 2016 को जारी ऑर्डर में डिपॉजिटरी से कहा गया था कि वे उन सभी बेनेफिशियरी एकाउंट को फ्रीज कर दें, जिनमें GDR इश्यू के शेयर जारी किए गए हैं या किए जाएंगे।

SEBI के ऑर्डर में तीनों का नाम नहीं था

SEBI के ऑर्डर में इन तीनों विदेशी निवेशकों का नहीं, GDR इश्यू करने वाले 51 कंपनियों का नाम था, लेकिन NSDL ने उस ऑर्डर के आधार पर कई विदेशी निवेशकों के एकाउंट फ्रीज किए थे। अडाणी ग्रुप ने भी माना था कि तीनों विदेशी निवेशकों के एकाउंट उसी ऑर्डर पर फ्रीज हुए थे।

 

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