वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट का बढ़ा दायरा गोरखपुर बनेगा रेडीमेड गारमेंट्स का हब

गोरखपुर। प्रदेश सरकार ने वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) का दायरा बढ़ा दिया है। पूर्वांचल के कला नमक धान के बाद अब गोरखपुर के रेडीमेड गारमेंट्स को भी इसमें शामिल कर लिया है। राज्यपाल की मुहर लगाने के बाद प्रदेश सरकार के विशेष सचिव प्रदीप कुमार ने आयुक्त एवं निदेशक उद्योग ओडीओपी प्रकोष्ठ को इस बाबत पत्र जारी किया है।बता दें कि पहले गोरखपुर के केवल टेराकोटा उत्पाद को ही इसमें स्थान दिया गया था, लेकिन सरकार द्वारा काला नमक धान के बाद अब और रेडीमेड गारमेंट्स को इसमें शामिल कर लिया गया है। इससे पूर्वांचल के औद्योगिक उड़ान को पंख लग गए हैं। ध्यातव्य हो कि टेराकोटा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) बनाया जा रहा है। अब काला नमक चावल एवं रेडीमेड गारमेंट्स के लिए भी पीपीपी मोड पर सीएससी निर्मित करने की राह खुल जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार 12.75 करोड़ रुपये देगी। शेष 10 फीसदी धनराशि उद्यमियों को लगाना होगा।

 

लगी राज्यपाल की मुहर
एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों के उत्पादों में अतिरिक्त उत्पाद के रूप में शामिल करने को सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार के इस फैसले पर राज्यपाल ने मुहर लगा दी है।
इन कार्यों की राह होगी आसान
मंजूरी मिलने से गारमेंट्स उत्पाद की डिजाइनिंग, निर्माण, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट संबंधी कार्य अब गोरखपुर में हो सकेंगे।
टेराकोटा से जुड़े उद्यमियों को मिल रहीं हैं सुविधाएं
जिले में जीआई टैग धारण करने वाला टेराकोटा एक जिला-एक उत्पाद में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत कारोबार से जुड़े उद्यमियों को अनेक सुविधाएं मिल रहीं हैं। कुछ को सुविधाएं मिल भी चुकीं हैं। इसको देखते हुए यह मांग की जा रही थी कि एक नए प्रोडक्ट को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया जाय और रेडीमेड गारमेंट्स को भी मान्यता दी जाए।
चेम्बर ऑफ इण्डस्ट्रीज ने जताई खुशी
सरकार द्वारा गारमेंट्स उत्पादों को ओडीओपी में शामिल करने के निर्णय से चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज बहुत खुश है। इसके पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने प्रदेश सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई है। कहा है कि सरकार के इस फैसले से गोरखपुर आने वाले समय में रेडीमेड गारमेंट्स का हब बन जाएगा।

3000 लोगों को होगा सीधा फायदा
सरकार के इस निर्णय से फिलहाल 3000 लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। ये लोग सीधे तौर पर रेडीमेट गारर्मेंट्स के मैनुफैक्चरिंग व्यवसाय से जुड़े हैं। कहा जा रहा है कि एक जिला एक उत्पाद में मान्यता मिलने के बाद अब उद्योग विभाग इसे कलस्टर के रूप में विकसित करने की कोशिश कर सकता है। इस निर्णय से रेडीमेड के गारमेंट से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग व टूल किट मुहैया कराने का रास्ता भी खुलेगा। फायनेंसियल सपोर्ट भी मिल सकेगा।
गोरखपुर के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने रेडीमेड गारमेंट्स को यहां के दूसरे ओडीओपी के रूप में मंजूरी दिया है। इस निर्णय से गोरखपुर के रेडीमेड हब के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

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