लॉकडाउन व गंडक नदी के जलस्तर की मार झेल रहे तरबूज किसान

बगहा, 8जून(हि.स.) । पश्चिम चम्पारण के मधुबनी प्रखण्ड क्षेत्र के धनहा गौतम बुद्ध सेतु के नीचे गंडक नदी के कोख में किनारे दर्जनों की संख्या में किसानों ने तरबूज की खेती व्यवसायिक दृष्टिकोण से की थी। किसानों के तरबूज की फसलें लहलहाई, लहलहाई फसलें फसल भी देना शुरू की, मगर जैसे ही तरबूज की फसल काटने का समय आया, तब कोरोना महामारी का संकट आ गया, नतीजा हुआ कि सरकार को लॉक डाउन का फरमान जारी कर दिया। इससे किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हो गया है।
किसानों का नुकसान इतना पर ही नहीं थमा। बंगाल की खाड़ी से चला ‘यस’ चक्रवात से आये बारिश से  खेतों में लहलहाता फसल बारिश के थपेड़ों से- सड़ते गलते रहें। किसान खून के आंसू रोते रहे, जिसको देखनेवाले न प्रशासन और न भगवान हैं। यस चक्रवात की मार से किसान किसी तरह मांसिक सदमे से ऊबर ही पाये थे, तबतक यस चक्रवात से गंडक नदी में बाढ़ का पानी दियारा में आ धमका, जिससे किसानों की तरबूज की फसल पानी में डूब गयी और लाखों रुपये की लागत बर्बाद हो गई।
उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन की मार तरबूज किसान पिछले कोरोना काल में भी झेल चुके हैं, किंतु इस बार काफी उम्मीद के साथ किसानों ने तरबूज की खेती की थी। किसानों ने बताया की विगत वर्ष का कर्ज अभी उतरा भी नहीं था, तब तक इस वर्ष भी कर्ज का अतिरिक्त भार चढ़ गया है। काफी उम्मीद के साथ पिछले चार महीनों से रात दिन एक कर तरबूज की फसल की बुआई की थी, किंतु प्रकृति की मार ने इस बार भी कमर तोड़कर रख दिया है।।
हिन्दुस्थान समाचार

Check Also

शमशेर सिंह पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई करें भाजपा संगठनः चोपड़ा

हरिद्वार, 24 जून (हि.स.)। पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति के अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने उत्तराखंड …