लगभग 7 महीने बाद बांके बिहारी मंदिर के कपाट खुले, महामारी की चिंता दरकिनार कर दर्शन के लिए उमड़े भक्त

 

यूपी के मथुरा में नवरात्र के मौके पर छह महीने बाद बांके बिहारी मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के खोले गए। मंदिर खुलते ही कुछ समय के भीतर ही देखते देखते लंबी कतार लग गई।

  • कोरोना महामारी पर भक्तों का उत्साह भारी, कोविड प्रोटोकाॅल के तहत ही खुला है मंदिर
  • मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के बीच बैठक के बाद खोलने का फैसला लिया गया था

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के कपाट कोरोनाकाल के चलते पिछले 6 माह 25 दिन से बंद थे, जो आज न्यायालय के आदेश के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस-प्रशासन की बैठक के बाद खोले दिए गए। मंदिर के कपाट खुलने के साथ मंदिर के बाहर लोगों की भारी भीड़ दिखाई दी। कान्हा के भक्त बड़ी संख्या में जिस तरह से खड़े दिखाई दिए, उसे देख यही कहा जा सकता है कि इस दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं।

बांके बिहारी की नगरी वृंदावन में भक्तों का सैलाब सुबह से ही उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न इलाकों से अपने आराध्य बांके बिहारी के दर्शन करने आए भक्त बिहारीजी के दर्शन के इंतजार में घंटों खड़े रहे। काफी समय तक भक्त वृंदावन की कुंज गलियों में कतार बंद होकर खड़े रहे। उधर, सेवायत गोस्वामी द्वारा समय से कपाट न खोलने से यह भीड़ ओर बढ़ती चली गई।

कोरोना महामारी पर भक्तों का उत्साह भारी
भक्तों की आस्था को देख लग रहा था मानो कोरोना पर बिहारीजी के भक्तों की आस्था भारी है। हर वर्ग के लोग बिहारीजी के दर्शन के लिए वृंदावन की गलियों में हजारों की संख्या में खड़े थे। राधे-राधे और बांके बिहारी के जयकारों से वृंदावन गुंजायमान दिखा। 6 महीने के बाद बांके बिहारी का मंदिर खोला जा रहा है। इतने लंबे अंतराल के बाद बिहारीजी के दर्शनों को आतुर बिहारीजी के भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं। बांके बिहारी के दर्शनों के लिए ऑनलाइन बुकिंग का भी प्रावधान रखा गया है। जिसके माध्यम से भक्त 1 दिन में 200 की संख्या में दर्शन कर सकेंगे। 22 मार्च से बंद बिहारीजी अब अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं।

कोविड प्रोटोकाॅल के तहत ही खुला है मंदिर
बांके बिहारी मंदिर खोलने से पहले जिला प्रशासन के साथ बैठक में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने पर सहमति जताई गई। मंदिर खुलने के इंतजार में भक्त बांके बिहारी की गलियों में कतार बंद होकर देखे गए ना तो कोई सोशल डिस्टेंस दिखाई दिया और ना ही मास्क नजर आए। लोग बांके बिहारी की आस्था में डूबे दिखे।

 

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