रॉयटर्स पोल के अनुसार मई’ 21 में रिटेल महंगाई का स्तर 5.30 फीसदी रह सकता है

मुंबई  – न्यूज़ हेल्पलाइन 
रॉयटर्स द्वारा कराए गए पोल से यह बात निकलकर आई है कि मई महीने में भारत की रिटेल महंगाई अप्रैल में 3 महीने निचले स्तर के छूने के बाद मई में एक बार फिर बढ़त दिखा सकती है। महंगाई में खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में आई बढ़त का अहम योगदान होगा। इस पोल से यह भी निकल कर आया है कि मई में रिटेल महंगाी बढ़ने के बावजूद ये लगातार छठे महीने RBI द्वारा तय रेंज के भीतर ही रहेगी। जाने माने अर्थशास्त्री कुणाल कुंडू का कहना है कि  कई राज्यों में चुनाव के चलते अप्रैल में पेट्रोल की कीमतों में नियंत्रण रहा।

क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमतों में इजाफा नहीं किया गया। लेकिन चुनाव के तुंरत बाद सिर्फ मई में पेट्रोलियम प्रोडक्टों की कीमतों में 7 बार बढ़ोतरी की गई है जिससे मई महीने में रिटेल महंगाई के आंकड़ों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है ।

4 से 9 जून के बीच किए गए इस पोल में 40 अर्थशास्त्रियों को शामिल किया गया है जिसमें यह राय निकल कर आई है कि मई में रिटेल महंगाी दर अप्रैल के 4.29 फीसदी के 3 महीने के निचले स्तर से बढ़कर 5.30 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है ।

अगर अर्थशास्त्रियों का यह अनुमान सही होता है तो मई महीने में लगातार छठे महीने रिटेल महंगाई रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित 2 फीसदी से 6 फीसदी के रेंज में रहेगी। महंगाई के RBI के टारगेट रेंज में बने रहने से आरबीाई को इकोनॉमी पर फोकस करते हुए अपनी नीतियों को बनाने में आसानी होगी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कच्चा तेल, खाने के तेल, सोने जैसे कमोडिडीज की बढ़ती वैश्विक कीमतों का भारत में भी असर दिख रहा है ।

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