राहुल की करीबी एक्ट्रेस भाजपा में शामिल, सोनिया को भेजे इस्तीफे में कहा- पार्टी में बड़े पदों पर बैठे लोग जमीनी हकीकत से दूर

 

खुशबू सुंदर ऐसी पहली भारतीय एक्ट्रेस हैं, जिनके नाम पर उनके फैन्स ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में मंदिर बनवाया है।

  • खुशबू सुंदर 2010 में राजनीति में उतरीं, करुणानिधि ने उन्हें द्रमुक जॉइन कराई थी
  • 2014 में खुशबू कांग्रेस में आईं, तब कहा था- यही पार्टी देश को एकजुट कर सकती है

एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं खुशबू सुंदर सोमवार को भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा जॉइन करने के बाद खुशबू ने कहा, ‘समय के साथ मैंने महसूस किया कि देश को सही दिशा में ले जाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी जैसे किसी व्यक्ति की जरूरत है।’

कांग्रेस के दिग्गजों पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली खुशबू ने सोमवार सुबह ही कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफा दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने बिना नाम लिए पार्टी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। लिखा, ‘पार्टी में बड़े पदों पर कुछ ऐसे लोग बैठे हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई जुड़ाव नहीं है। वे आदेश दे रहे हैं। मेरे जैसे लोगों को, जो पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं, पीछे धकेल रहे हैं और रोक रहे हैं।’

2014 में कांग्रेस में आई थीं खुशबू

खुशबू को राजनीति में लाने का श्रेय द्रमुक नेता एम करुणानिधि को जाता है। 2010 में उन्होंने एक्ट्रेस को अपनी पार्टी जॉइन कराई थी। 50 साल की खुशबू ने 2014 में कांग्रेस का दामन थामा था। तब उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ही इकलौती ऐसी पार्टी है, जो भारत के लोगों की भलाई और देश को एकजुट कर सकती है।

कांग्रेस ने एक्ट्रेस को राष्ट्रीय प्रवक्ता तो बनाया, लेकिन 2019 में न उन्हें लोकसभा के लिए टिकट दिया और न ही राज्यसभा में भेजा गया। बताया जा रहा है कि वे इसी बात से नाराज चल रही थीं।

बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया

खुशबू को वैसे तो साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम के लिए जाना जाता है। लेकिन वे बॉलीवुड की भी कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। 1980 में उन्होंने ‘द बर्निंग ट्रेन’ में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था। इसके बाद उन्हें ‘लावारिस’ (1981), ‘कालिया’ (1981), ‘नसीब’ (1981), ‘बेमिसाल’ (1982), ‘मेरी जंग’ (1985), ‘तन बदन’ (1986) और ‘दीवाना मुझसा नहीं’ (1990) जैसी फिल्मों में देखा गया।

 

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