राष्ट्रपति का भी चुनाव लड़ने वाले कौन हैं ये लालू यादव? बिहार में इस बार दो जगहों से आजमा रहे किस्मत

पटना (Bihar) । लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav ) इस बार दो जगह से दो चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के साथ ही मढ़ौरा से विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन किया है। बता दें कि यह राजद के सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव नहीं है। बल्कि, छपरा जिले के मढौरा के रहने वाले लालू प्रसाद यादव हैं, जो नगर पंचायत से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक में अपना भाग्य आजमा चुके हैं। ये बात अलग है कि इसे आज तक सफलता नहीं मिली है।

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव फिलहाल चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजायाफ्ता हैं और रांची में सजा काट रहे हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में छपरा के ये लालू प्रसाद यादव अपने आप में लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। (फाइल फोटो)

<p>बात अगर लालू प्रसाद यादव के चुनाव की करें तो साल 2001 में सबसे पहले वार्ड पंचायत चुनाव लड़े थे और हार गए थे। इसके बाद 2006 और 2009 तक वार्ड पंचायत का चुनाव लड़े और हार गए।&nbsp;<br />
(फाइल फोटो)</p>

बात अगर लालू प्रसाद यादव के चुनाव की करें तो साल 2001 में सबसे पहले वार्ड पंचायत चुनाव लड़े थे और हार गए थे। इसके बाद 2006 और 2009 तक वार्ड पंचायत का चुनाव लड़े और हार गए।
(फाइल फोटो)

<p>साल 2009 में तो वो लालू प्रसाद यादव के ही खिलाफ भी चुनाव लड़ गए थे। हालांकि हार गए। इसके बाद &nbsp;2014 में लोकसभा चुनाव लड़े और हार गए। इतना ही नहीं वो 2015 के भी विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।<br />
(फाइल फोटो)<br />
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साल 2009 में तो वो लालू प्रसाद यादव के ही खिलाफ भी चुनाव लड़ गए थे। हालांकि हार गए। इसके बाद  2014 में लोकसभा चुनाव लड़े और हार गए। इतना ही नहीं वो 2015 के भी विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं।
(फाइल फोटो)

<p>लालू प्रसाद यादव साल 2016 में एमलसी के लिए चुनाव लड़े थे और हार गए। इसके बाद 2017 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में भी नामांकन कर सुर्खियों में आए थे। फिर, 2019 में छपरा लोकसभा सीट से बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी के खिलाफ भी चुनाव लड़े थे, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा।(फाइल फोटो)<br />
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लालू प्रसाद यादव साल 2016 में एमलसी के लिए चुनाव लड़े थे और हार गए। इसके बाद 2017 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में भी नामांकन कर सुर्खियों में आए थे। फिर, 2019 में छपरा लोकसभा सीट से बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी के खिलाफ भी चुनाव लड़े थे, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा।(फाइल फोटो)

<p>इस बार लालू प्रसाद यादव सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के साथ ही मढ़ौरा से विधानसभा चुनाव से पर्चा भरा है। बता दें कि 22 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक एमलसी के लिए आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें स्नातक के पटना, तिरहुत, कोसी और दरभंगा है। इसी तरह शिक्षक क्षेत्र में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल है।<br />
(फाइल फोटो)</p>

इस बार लालू प्रसाद यादव सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के साथ ही मढ़ौरा से विधानसभा चुनाव से पर्चा भरा है। बता दें कि 22 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक एमलसी के लिए आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें स्नातक के पटना, तिरहुत, कोसी और दरभंगा है। इसी तरह शिक्षक क्षेत्र में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल है।
(फाइल फोटो)

<p>लालू प्रसाद यादव खुद कहते हैं कि उन्हें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के नाम पर भी वोट मिल जाता है। कई बार कुछ लोगों को लगता है कि आरजेडी मुखिया यहां से मैदान में है।। लालू का कहना है कि वह चाहते हैं कि एक बार चुनाव जीत जाए। हालांकि यह मेरे लिए बड़ा मुश्किल है, क्योंकि मेरे पास न तो पैसे हैं और न ही जनसमर्थन। मुझे तो जो भी वोट मिलता है वो लालू जी के नाम पर।​(फाइल फोटो)</p>

लालू प्रसाद यादव खुद कहते हैं कि उन्हें राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के नाम पर भी वोट मिल जाता है। कई बार कुछ लोगों को लगता है कि आरजेडी मुखिया यहां से मैदान में है।। लालू का कहना है कि वह चाहते हैं कि एक बार चुनाव जीत जाए। हालांकि यह मेरे लिए बड़ा मुश्किल है, क्योंकि मेरे पास न तो पैसे हैं और न ही जनसमर्थन। मुझे तो जो भी वोट मिलता है वो लालू जी के नाम पर।​(फाइल फोटो)

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