राम मंदिर ट्रस्ट पर अयोध्या में जमीन घोटाले का आरोप, टीएमसी ने की CBI और ED से जांच की मांग

 

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट पर गलत तरीके से डील कर मंदिर परियोजना के लिए जमीन की खरीद में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले का विपक्षी दलों ने सनसनीखेज आरोप लगाया है. पिछले साल केन्द्र सरकार की तरफ से राम मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की गई थी.

तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि लेनदेन इस साल मार्च में की गई है. इसमें 2 रियल एस्टेट के डीलर्स कथित तौर पर एक व्यक्ति से 2 करोड़ रुपये में इस जमीन को खरीदते हैं और कुछ ही मिनटों के बाद इसे ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच देते हैं. टीएमसी ने पूरे मामले की केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की है.

तृणमूल राज्य सभा सांसद सांतनू ने कहा- “उम्मीद करते हैं कि केन्द्रीय दल राम मंदिर घोटाले की जांच के लिए अयोध्या पहुंचेगा. जमीन की कीमत सिर्फ पांच मिनट में 2 करोड़ से बढ़कर 18.5 करोड़ रुपये हो गई. इस बारे में अंतरराष्ट्रीय नेता नरेन्द्र मोदी से स्पष्टीकरण चाहते हैं, जिन्होंने कोरोना की तीन वैक्सीन के दाम तय कर दिए और जी-7 बैठक में ‘वन वर्ल्ड वन हेल्थ पॉलिसी’ की बात की.”

पूर्व विदेश मंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता यशवंत सिन्हा प्रधानमंत्री मोदी और राम मंदिर ट्रस्ट पर निशाना साधा. उन्होंने कहा. “राम का साथ, मोदी का विश्वास और हमारा विकास. हद ही हो गई. राम को भी नहीं छोड़ा. अब क्या बचा? मोदी है तो मुमकिन है.”

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